डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-
डोली ‘हिन्दुत्व’ और ‘विकास’ की उठी,
‘न्यू इण्डिया’ के लुटेरे कहार देखिए।
देशहित दूर अब स्वहित पास-पास,
सौ डिग्री चुनावी बुख़ार देखिए।
धर्म से हैं शून्य, पर ज्ञान बाँटते,
खिंची हिन्दू-मुसलिम दीवार देखिए।
पतझर में ही चेहरा जवान हो रहा,
शातिर राजनीति की बहार देखिए।