डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
जोहान्सबर्ग में खेले गये चौथे एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में दक्षिणअफ़्रीका ने ‘डकवर्थ लुइस’ नियम के अन्तर्गत भारत को ५ विकेटों से पराजित कर, शृंखला को रोचक बना दिया है। उसने ५ विकेट खोकर २०७ रन बनाये थे। भारत की ओर से यजुवेन्द्र चहल बहुत महँगे गेन्दबाज़ साबित हुए थे। वहीं गेन्द गीली होने के कारण गेन्दबाज़ों की पकड़ से फिसल जा रही थी। दोनों भारतीय स्पिनर इस मैच में असरकारक साबित न हो सके।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय करते हुए, भारत ने ५० ओवरों में ७ विकेट पर २८९ रन बनाये थे। उस बीच वर्षा होने के कारण ५२ मिनट का समय व्यर्थ हो गया। भारत की ओर से शिखर धवन ने १०९ रन बनाये थे, विराट कोहली ने ७५ रन तथा महेन्द्र सिंह धोनी ने अविजित रहकर ४२ रन बनाये थे। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत का कुल स्कोर ३०० से पार पहुँच जायेगा परन्तु कोहली के आऊट होने के बाद भारत का रन-औसत घटने लगा था।
उल्लेखनीय है कि शिखर धवन अपने सौवें एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय मैच में शतक बनानेवाले प्रथम भारतीय बल्लेबाज़ बन गये हैं।
गुलाबी गणवेश में बल्लेबाज़ी करने के लिए आये दक्षिणअफ़्रीका के खिलाड़ी धैर्य के साथ खेलते हुए दिख रहे थे। अचानक वर्षा शुरू हो जाने के कारण पुन: खेल में व्यवधान आया। उसके बाद दक्षिणअफ़्रीका के लिए २८ ओवरों में २०२ रन बनाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसे उसने ५ विकेटों को गँवाकर प्राप्त कर लिया था। रोचक तथ्य यह है कि दक्षिणअफ़्रीका के खिलाड़ी जब-जब गुलाबी गणवेश में मैदान पर उतरे हैं, कभी पराजित नहीं हुए हैं।
ज्ञातव्य है कि इस मैच में भारत के गेंदबाज़ों ने ऐनमौक़े पर ‘नो बाल’, ‘वाइड बाल’ किये; स्पिनर : यजुवेन्द्र चहल और कुलदीप यादव ने प्रभावहीन गेन्दबाज़ी की थी, उसके चलते दक्षिणअफ़्रीका के लिए जीत आसान हो चुकी थी। क्षेत्ररक्षकों ने जिस तरह से कई महत्त्वपूर्ण कैच छोड़े थे और चौक्के छोड़े थे तथा ख़राब क्षेत्ररक्षण किये थे, उनके कारण मैच भारत के हाथों से फिसलने लगा था। अन्तत:, भारत को लगातार तीन मैचों को जीतने के बाद इस चौथे मैच में पराजय का स्वाद चखना पड़ा है। फ़िलहाल, भारत ३-१ से अभी आगे है। शेष दो मैचों में से एक के जीतते ही भारत छ: मैचों की वर्तमान शृंखला को जीत लेगी।
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, इलाहाबाद; ११ फरवरी, २०१८ ई०)