ऐसा लगता है कि राशन माफियाओं को बचा रहा है विभाग, डीएसओ भी पूरी तरह जांच के दायरे में

हरदोई में कथित भाजपा नेता प्रदीप गुप्ता के राइस मिल में मिले गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन के मामले में विभाग माफिया को बचाने में लग गया है। हालांकि डीएसओ की तहरीर पर एफआइआर तो दर्ज है लेकिन कार्यवाही के नाम पर महज खाना पूर्ति हो रही है। राइस मिल में 1 करोड़ कीमत के लगभग सरकारी चावल पकड़े जाने के मामले में तीन गोदाम प्रभारियों को जेल भेजा गया है । लेकिन मालूम हो कि छोटी मछलियों का ही शिकार किया गया है । अभी तक बड़ी मछली प्रदीप गुप्ता समेत अन्य सभी फरार हैं ।
बता दें कि काफी समय से प्रदीप गुप्ता सरकारी राशन की कालाबाजारी कर रहा था। सरकारी चावल को खुद के मिल के गोदाम से उठाकर फिर गोदाम को ही सप्लाई करता था। प्रदीप गुप्ता हर महीने करोड़ों का खेल करता था। इस मामले में डीएसओ के साथ आवश्यक वस्तु निगम के जिला प्रबंधक की भूमिका भी पूरी तरह सन्दिग्ध है। करोड़ों के खेल में डीएसओ भी पूरी तरह जांच के दायरे में हैं । लेकिन अभी तक डीएसओ पर कोई कार्यवाही नही हुई है। मालूम हो कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व जिलाध्यक्ष के साथ सेल्फी खींचकर प्रदीप गुप्ता भौकाल जमाता है। यह सपा से भाजपा में शामिल हुआ था । हालांकि मिल में छापे के बाद से भाजपा ने अब इससे बाहरी कहकर किनारा जरूर कर लिया है ।