कानपुर में कुमुद श्रीवास्तव वर्मा को मिला जन चेतना सम्मान

हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य संगम संस्थान की उत्तर प्रदेश शाखा द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम, *हिन्दुस्तान में हिंदी उपेक्षित नहीं जन जागरण आवश्यक है

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान द्वारा नगर के विनायक गेस्ट हाउस में त्रिसत्रीय कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम आए हुए गणमान्य अतिथि धर्मेन्द्र सिंह पाल जी ( जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा ) अध्यक्ष प्रोफेसर विश्वम्भर शुक्ल जी, विशिष्ट अतिथि द्वय डॉ अरुण श्रीवास्तव अर्णव जी, डॉ मुनेश कुमार जी, जी के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ शारदे की स्मृति पर पुष्प अर्पित करते हुए शुरू हुआ, जिसमें आद मनोज शुक्ल मनुज जी ने शारदे की वंदना से कार्यक्रम को गति प्रदान की।

प्रथम सत्र में सर्व प्रथम प्रशान्त शर्मा , किरण मिश्रा, अर्चना तिवारी, संजीत सिंह जी, कुमार सागर, बिजेन्द्र सिंह सरल जी, विश्वम्भर शुक्ल जी, सौम्या मिश्रा अनुश्री जी, हमीद कानपुरी, मनोज गुप्ता, आदित्य विक्रम श्रीवास्तव जी, कुमुद श्रीवास्तव वर्मा जी, युष्मांक तिवारी जी, मुकुंद त्रिपाठी जी आदि ने अपने स्वर्णिम रचनाओँ से पूरे सदन को महका दिया । तत्पश्चात द्वितीय सत्र में साहित्य परिचर्या के दौरान हिंदुस्तान में उपेक्षित हिंदी के कारण एवं निवारण विद्वानों ने विचार विमर्श किया, जिनमें मनोज शुक्ल जी, डॉ आनन्द प्रकाश शाक्य जी, कमलेश कुमार यादव जी, डॉ अरुण श्रीवास्तव अर्णव जी, डॉ मुनेश कुमार जी आदि विद्वानों ने अपने अपने विचार समाज के समक्ष रखे एवं *परिचर्या का निष्कर्ष निकाला कि हिंदुस्तान में हिंदी उपेक्षित नहीं है, बल्कि जन जागरण की आवश्यकता है।* हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत संस्थान द्वारा कुल 23 जिनमें साहित्यकार , शिक्षक, समाजसेवी आदि विद्व मनीषियों को जनचेतना सम्मान से सम्मानित किया गया | कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की उपाध्यक्षा सौम्या मिश्रा व संजीत सिंह यश जी नें किया|