मजदूर ने अधिकारी बन, नौकरी के बहाने महिला को ठगा

हरदोई- जिला अस्पताल में ठेके पर मजदूरी कर रहे मजदूर का कारनामा उस समय खुलकर सामने आ गया जब एक महिला ने उसका कॉलर पकड़कर अपने पैसे मांगे। इस मौके पर काफी भीड़ जुट गई। हालांकि मौजूद अधिकारी व कर्मचारी उसकी तरफदारी में लगे रहे। आखिरकार बात पैसे वापस करने पर फाइनल हुई।

गुरूवार को जिला अस्पताल मे ओपीडी के दौरान एक महिला ने देखते ही देखते ठेके पर लगाए गए एक सफाई कर्मचारी का कॉलर पकड़ लिया। इसको देखकर लोग कुछ समझ पाते कि मजदूर ने नजरे चुराने की भरपूर कोशिश की। इसी बीच कुछ अस्पताल के कर्मी भी एकत्र हो गए और मजदूर की तरफदारी करने लगे। बाद में मामला जानकर महिला को पैसे वापस कराने का आश्वासन दे दिया। इस संबंध में महिला ने जानकारी की गई तो उसने अपना नाम हंसमुखी पत्नी प्रताप निवासी जोगीपुर कोतावाली शहर बताया। महिला का आरोप है कि बीते तीन वर्ष पर अस्पताल में मजदूरी करने वाले राकेश नाम के ठग से मुलाकात हुई। महिला ने बताया कि राकेश ने खुद को अस्पताल का अधिकारी बताया। कहा कि महिला अस्पताल में आया की वैकेंसी निकली है, जिसके लिए 25 हजार रूपए देना होगा।  महिला के अनुसार उसने 25 हजार तो नहीं दिए लेकिन 1 हजार रूपए राकेश को दे दिया। कहा कि आगे के रूपए नौकरी मिलने पर देगी। इसपर राकेश पहले तो उसको नौकरी लगवाने के नाम पर टरकाता रहा। लेकिन जब दो साल बीत गए तो नजरें चुराना शुरू कर दिया। इसपर महिला कई बार अस्पताल आई लेकिन उसको कोई जानकारी नहीं मिली। हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रशासन बिल्कुल मौन है। महिला को एक दो दिन में रूपए वापस कराने की बात कही गई है।

कई लोगों को ठग चुका है राकेश

मामले का भंडाफोड़ उस समय हुआ जब अस्पताल कर्मियों ने ठग राकेश को बचाना शुरू कर दिया। हालांकि बाद में खुद को फंसता देख कर्मचारियों ने बताया कि राकेश के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें समझौता कराते हुए पैसे वापस कराए गए है। वहीं सूत्रों की माने तो कुछ कर्मचारी अस्पताल में नौकरी बांटने का खेल कर रहे है। हालांकि इस बाबत सीएमएस का पक्ष नहीं जाना जा सका।

कैमरा देख भाग गया ठग

जिस समय महिला ने राकेश का कॉलर पकड़ा तो कुछ मीडिया कर्मी मौके पर पहुंच गए। हालांकि इसी बीच कैमरे पर नजर पड़ते ही ठग राकेश मौके से भाग गया। इस सबंध में अस्पताल कर्मी उसको देर तक खोजते रहे लेकिन कोई पता नहीं चला। वहीं महिला भी आखिरकार चली गई। इस मामले से कुछ कर्मचारी भी सहमे दिखे।