21जून 2020 अद्भुत खगोलीय घटना : वलयाकार सूर्य ग्रहण

प्रदीप नारायण मिश्र (प्रवक्ता रसायन शास्त्र, पीबीआर इण्टर कॉलेज, तेरवा, गौसगंज, हरदोई)

भारत में इस दशक का अन्तिम वलयाकार सूर्य ग्रहण का योग, योग दिवस पर है एवं अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण जो भारत से दिखाई पड़ेगा वह लगभग 11वर्ष बाद ,21मई 2031 को होगा। आगामी रविवार को वलयाकार सूर्य ग्रहण चार राज्यों राजस्थान, हरियाणा, उ०प्र०और उत्तराखंड के कुछ शहरों व कस्बों से देखने को मिलेगा।

सूर्य ग्रहण हमें तब दिखाई पड़ता है जब चन्द्रमा अमावस्या के दिन पृथ्वी और सूर्य के बीच एक सीधी रेखा में आता है।तीनों पिण्डों की स्थिति के आधार पर सूर्य ग्रहण चार प्रकार के होते हैं- पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण, संकर सूर्य ग्रहण।

वलयाकार सूर्य ग्रहण, जिसमें पृथ्वी का कुछ क्षेत्र उल्टी घनी छाया क्षेत्र से गुजरता है और चन्द्रमा सूर्य के डिस्क के भीतर दिखाई देता है जिसमें चन्द्रमा के चारों ओर प्रकाशमय वलय दिखाई देता है।

  उ०प्र० में बेहट को छोड़कर यहां आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा। बेहट में ग्रहण की अवधि प्रातः 10:22:59से 13:49:30तक एवं वलयाकार या कुंडलाकार ग्रहण की अवधि कुल 30 सेकंड होगी।  लखनऊ में आंशिक ग्रहण की अवधि प्रातः 10:26:38 से 13:58:42 तक 3घंटे 32 मिनट 4सेकंड की होगी व अधिकतम चरण 12:11:49 पर होगा। सूर्य की व्याप्ति 84.25% होगी।

यहाँ हम स्पष्ट कर दें ग्रहण हो या न हो सूर्य की ओर बिना सुरक्षा के देखना खतरनाक है। यदि हम सीधे सूर्य की ओर देखेंगे तो कुछ सेकेण्डों में हमारा दृष्टि पटल झुलस सकता है।

सूर्य ग्रहण को सुरक्षित रूप से कैसे देखें?

घर पर उपलब्ध छोटे दर्पण द्वारा सूर्य के प्रतिबिम्ब को किसी दीवार पर बनाकर देख सकते हैं। यदि दर्पण बड़े आकार का है तो उसे कागज से ढककर उसमें एक इंच व्यास का छेद बनाकर प्रतिबिम्ब को देख सकते हैं। कुछ अन्य तरीकों द्वारा भी सूर्य ग्रहण को हम सुरक्षित रूप से देख सकते हैं।

  1. प्रमाणिक सौर फिल्टर चश्मा (इससे लगातार न देखें)
  2. 14 नं शेड वाला वेल्डर चश्मा (इससे सूर्य हरे रंग में दिखाई पड़ेगा)
  3. कैमरा या टेलीस्कोप पर प्रमाणिक सौलर फिल्टर लगाकर सीधे सूर्य को देख सकते हैं।
  4. पिन होल प्रोजेक्शन कैमरा द्वारा।
  5. टेलीस्कोप से प्रोजेक्शन करके भी सूर्य की छवि को देख सकते हैं।
  6. किसी पेड़ के नीचे सफेद चादर बिछाकर उस पर सूर्य की प्रक्षेपित छवि को देख सकते हैं (पिन होल कैमरा प्रभाव)

क्या न करें-

१. सूर्य ग्रहण को नग्न आँखों से न देखें।
२. स्मोक्ड ग्लास, कलर फिल्म, धूप का चश्मा, गैरचांदी वाला ब्लैक व व्हाइट फिल्म, पोलराइजिंग फिल्टर का प्रयोग न करें।
३. रंगीन पानी से सूर्य के प्रतिबिम्ब को न देखें।
४. सस्ते टेलिस्कोप के आईपीस के साथ मिलने वाले सौर फिल्टर का उपयोग न करें।

5. किसी ऐसे फिल्टर का प्रयोग न करें जो सिर्फ सूर्य की दृष्य तीव्रता को कम करता है।

ग्रहण से सम्बन्धित मिथक एवं अन्धविश्वास –

● सूर्य ग्रहण के दौरान हानिकारक विकिरणों का उत्सर्जन होता है।
● सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन पकाना या करना निषिद्ध है।
● ग्रहण के द्वौरान गर्भवती महिलाओं व उनके बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है।

उपरोक्त मिथकों व अन्धविश्वासों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और न ही इन ग्रहणों का हमारे ऊपर कोई हानिकारक प्रभाव पड़ता है।

अत: आप सभी ग्रहण देखने हेतु सुझाए गए उपायों को अपनाते हुए इस अद्भुत प्राकृतिक घटना के अवलोकन का आनंद परिवारजनों के साथ ले सकते हैं।