— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

सच कहा गया है कि यदि महिला लाज-शर्म-मर्यादिक छोड़कर ‘अपने’ पर आ जाती है तो वह ‘कुछ’ भी कर गुज़रती है। इसी को चरितार्थ कर दिखाया है एक ऐसी महिला ने, जो दिल्ली-पुलिस की ए०एस०आइ० की वर्दी पहनकर अकड़ दिखाते हुए न जाने कब से आते-जाते लोग को लूटती आ रही थी; परन्तु पाप बहुत समय तक जीवित नहीं रहता, इसका राज़फ़ाश तब हुआ था जब ‘कोविड– १९’ के अन्तर्गत बताये गये नियमों की अनदेखी करनेवाले लोग का वह कल (१३ अगस्त) दिल्ली-पुलिस की ए०एस०आइ० बनकर थाने में बन्दकरने की धौंस बताकर चालान काट रही थी। वह पश्चिमी दिल्ली के तिलकनगर थानाक्षेत्र में वैसा घिनौना कृत्य कर रही थी। उसी दौरान कुछ अलग से दिख रहे हाव-भाव से उसके साथ काम कर रहे अस्ली पुलिसवालों को शक हो गया, फिर क्या था, उन पुलिसकर्मियों ने चतुराई का परिचय देते हुए, मुख्य कार्यालय में सूचना दे दी।
कठोरतापूर्वक जब उस नक़्ली पुलिस-अधिकारी से पूछताछ की गयी तब मालूम हुआ था कि आरोपित महिला का नाम तमन्ना है, जो रुपये कमाने के लिए यह अवैध कृत्य कर रही थी। फ़िलहाल, वह जेल की हवा खा रही है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १४ अगस्त, २०२० ईसवी।)