आइए! संकल्प करें, अब हम मतदान करने नहीं जायेंगे

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

मेरे सम्मानित देशवासियो! अब समय आ चुका है कि हम सभी एक स्वर में यह संकल्प करें– देश के किसी भी राजनैतिक चुनाव में हम मतदान करने के लिए नहीं जायेंगे। देश का प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी, गृहमन्त्री अमित शाह, रक्षामन्त्री राजनाथ सिंह तथा न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार, उत्तरप्रदेश का मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ बिष्ट तथा सभी विपक्षी दल के नेता लाशों पर राजनीति करते आ रहे हैं।

आज प्राय: हर घर में हृदयविदारक दृश्य है! इसके बाद भी आप सभी की यदि चेतना जाग्रत् नहीं हुई तो और भी भयावह स्थिति का गवाह बनने और एक ‘शव’ बनने के लिए तैयार रहिएगा।

मोदी प्रधानमन्त्री नहीं, एक ‘जल्लाद’ है। देश की सारी शक्ति प्रधानमन्त्री में केन्द्रित है, जिसका वह लगातार दुरुपयोग करता आ रहा है। उसे मालूम नहीं था, कोरोना का दूसरा/तीसरा चरण शुरू हो चुका है? बेशक, मालूम था; किन्तु वह प्रतिदिन कोरोना से मर रहे हज़ारों देशवासियों के शव पर पदप्रहार करते हुए, प्रतिदिन चुनावी सभाएँ और ‘रोड-शो’ करता आ रहा है। दूसरी ओर, चुनाव-आयोग के सभी अधिकारियों को ‘रतौंधी’ हो चुकी है। देश की न्यायपालिका भी अपना अस्तित्व खोती नज़र आ रही है।

नितान्त निरंकुश, निर्मम, निकृष्ट नरेन्द्र मोदी की नीतियाँ और उसके निर्णय देशघाती दिख रहे हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख कोरोनाग्रस्त लोग हैं और हज़ारों की संख्या में शववस्त्ररहित-सहित लाचार-बेबस मृतक।

नरेन्द्र मोदी देश का मुखिया है। उसे चाहिए था कि सभी चुनावों को स्थगित कराकर, अपना सारा ध्यान देशवासियों की कोरोना से रक्षा करने में लगाता; किन्तु बीभत्स चरित्रवाला नरेन्द्र मोदी देशवासियों की लाशों को कुचलते हुए, अवसरवादिता के तवे पर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकता आ रहा है। बेईमान विपक्षी दलों को चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए था, जो कि नहीं किया गया था।

अब, वह समय आ गया है, हम सभी चुनाव के प्रति अपनी पूर्णत: उदासीनता प्रकट करें।

तो आइए! संकल्प करें– अब हम मतदान करने के लिए नहीं जायेंगे।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १७ अप्रैल, २०२१ ईसवी।)