विजय कुमार, कौशाम्बी
● हाईवे के बीच लगी एल.ई.डी.लाइटें स्थापना के महज कुछ महीने बाद से ही बनी शोपीस
कौशांबी की नगर पंचायत अझुवा मे जुलाई 2016 मे नया सवेरा नगर विकास योजना द्वारा सरकार ने नगर पंचायत की सीमांतर्गत हाईवे के बीच मे 49.46 लाख रुपये से डबल माड्यूल गैलोनाईज पोल सहित एल.ई.डी.लाइटों की स्थापना कराकर अझुवा क्षेत्र से गुजर रहे दिल्ली-कोलकाता हाईवे को चमकाने का निर्णय लेते हुए नगर पंचायत अझुवा को धन जारी किया। जिसमे तत्कालीन जिम्मेदारों ने ठेका कराकर कार्य संपन्न कराया। लेकिन ठेकेदार से सांठगांठ और भारी कमीशनबाजी के चलते कार्य इतना घटिया दर्जे का हुआ कि पचास लाख की भारी भरकम धनराशि से लगाई गई ये लाइटें छ: महीना भी नही जलीं और शोपीस बनकर रह गईं। नगरवासियों के अनुसार तब से आज तक ये लाइटें कभी नहीं जलीं।
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जब इस संबंध मे नगर के जागरूक लोगों ने शासन से शिकायत की तो जिम्मेदार अधिकारी ने भ्रष्ट तंत्र और ठेकेदार को बचाने के लिए झूठी रिपोर्ट भेज दी कि कुछ लाइटें खराब हो गई थी। जिसे संबंधित ठेकेदार से कहकर बदलवा दिया गया है और सभी लाइटें ठीक हालत मे हैं व जल रही हैं। शासन ने अपने अधिकारी के कोरे झूठ पर भरोसा करके मामले को खारिज कर दिया जबकि कभी न जलने वाली ये लाईटें भ्रष्टाचारियों के लिए वरदान बनी हुई हैं। स्थापना के महज दो साल के भीतर ही पुन: चौदहवें वित्त आयोग से हाईवे हेतु करीब सात लाख रुपये की लागत से 60 नग एल.ई डी. लाइट की खरीद दिखाकर वे कागजों पर ही बदल गई और जिम्मेदार धन डकार गए।