हरदोई- अतरौली क्षेत्र के गांव शिवपुरी पीपरगांव नेवादा में 35 वर्षीय किसान ने इलाज के अभाव में शनिवार देर रात दम तोड़ दिया। वह लीवर में कैंसर की बीमारी से पीड़ित था। परिवार में दो माह का बेटा, तीन बेटियां, पत्नी और माँ के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा जो गया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद उनका फायदा जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है।सात लोगों के परिवार का अकेले दम पर बोझ उठाने वाले बबलू मिश्रा को आज तक योगी और मोदी सरकार की उज्ज्वला, आयुष्मान, रसोई गैस, स्वच्छ भारत जैसी किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला। माँ रामरती ने बताया कि पति की मौत के बाद घर गृहस्थी का भार बबलू पर आ गया। पुस्तैनी चार बीघा जमीन पर खेती और मेहनत मजदूरी कर वह सात लोगों का परिवार चला रहा था। पिछले तीन महीने से वह काफी बीमार था। घर की हालत देखर रिश्तेदार उसे लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों से बताया कि उसके लीवर में कैंसर हैं। घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब होने और इलाज काफी मंहगा होने के कारण बबलू को घर ले आये थे।
नहीं मिला किसी योजना का लाभ
पत्नी ममता का आरोप है कि उनके पास घूस देने के पैसे नहीं थे इसीलिए आजतक उन्हें कॉलोनी नहीं मिली। इसके अलावा उन्हें सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला।
सामाजिक संस्थाओं ने मदद को बढ़ाये हाथ
सोशल मीडिया पर परिवार और बबलू की बीमारी की खबर वायरल होने के बाद कई सामाजिक संस्थाओं के साथ साथ काफी लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाये हैं। भुइयेश्वर महादेव मंदिर गोंड़वा से जुड़े आशीष शुक्ला और शिवम सिंह ने बबलू की माता जी को आर्थिक सहयोग देने के अलावा भविष्य में भी मदद का भरोसा दिया है। इसके अलावा नेकी की दीवार हरदोई के सदस्यों ने बबलू के घर पहुंचकर आर्थिक सहयोग दिया है।
सूचना के बाद भी विधायक और सांसद ने नहीं जाना हाल
लोगों का आरोप है कि बबलू की खराब आर्थिक स्थिति, बीमारी और मौत की सूचना क्षेत्रीय विधायक और सांसद को भी दी गई पर उनकी तरफ से कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इससे लोगों में काफी रोष है।
बोले उपजिलाधिकारी
सण्डीला उपजिलाधिकारी उदय भान ने बताया प्रकरण संज्ञान में आया है । आवास के मामले की जांच करवाकर पात्रता के आधार पर आवास मुहैया कराया जाएगा ।