सण्डीला (हरदोई)- कांग्रेस पार्टी में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से विपक्षी दल बौखला सा गए है यह बात मिश्रिख लोक सभा के कांग्रेस पूर्व प्रत्याशी ओम प्रकाश रावत ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं जिला महासचिव महताब अहमद के आवास पर कही।
उन्होंने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार से सभी वर्ग त्रस्त हो चुके है किसान युवा परेशान है किसान की चिंता न तो केंद्र सरकार को रही है और न ही उत्तर प्रदेश सरकार को रही है । किसान बेमौत मर रहा है । कांग्रेस की सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करवा कर गरीब जनता को दो वक्त की रोटी का इंतजाम किया था परन्तु गैर कांग्रेसी सरकारों ने वास्तव में जो गरीब है उसका भी हक़ छीन लिया है और गेहूं चावल एवं मिट्टी का तेल भी गरीबों को नही मिल पा रहा है गरीब जनता प्रत्येक माह अपने अपने आधार कार्ड लेकर कोटेदारों के पास जमा भी कर देता है परन्तु अभी तक गरीबों के यूनिट नही बढ़ पा रहे है न तो अभी तक लोगों को राशन कार्ड भी उपलब्ध हो सके है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी जबरदस्त धांधली चल रही है । 2014 के लोक सभा चुनाव में मुख्य एजेंडा गरीब जनता के खाते में 15 लाख का जुमला अभी तक लोगों के दिलों में छाया हुआ है । अब प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने से सभी दल बौखला गए है । सण्डीला की सबसे अहम समस्या है एक ओवर ब्रिज जो अभी तक नही बन सका है । दूसरी समस्या है मुंसिफ कोर्ट की जो भटपुर से आम आदमी जब हरदोई कचहरी अपनी तारीख करने जाता है तो उसको लौटने में दो दिन लग जाते हैं । फैक्ट्रियां बन्द पड़ी हैं । रोजगार बन्द हो चुके हैं । सण्डीला में सबसे ज्यादा बीड़ी एवं जरदोजी का कार्य चलता था परन्तु वो लोग भी भुखमरी के कगार पर पहुचं चुके है ।
केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता को दुख दर्द के अलावा कुछ नही दिया है । उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी तहसील सण्डीला है । इसके बाद की तहसीलों को जिला बना दिया गया परन्तु सण्डीला को जिला नही बनाया गया, क्या कारण रहा ? सण्डीला से हरदोई की दूरी 56 किलोमीटर है और लखनऊ भी लगभग 56 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । जो सुविधाएं सण्डीला को मिलनी चाहिए थी वह सुविधाएं सण्डीला को नही मिल पा रही है । जबकि सण्डीला को इंडस्ट्रियल एरिया भी घोषित कर रखा है । कांग्रेस से सण्डीला में कताई मिल जैसी सौगात दी थी जिसमे सण्डीला के स्थानीय लोगों ने कार्य भी किया था उनको भी बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है।