एक हॉस्पिटल में हुई आशा बहुओं की मीटिंग में बांटे गए तोहफे -आशा बहुओं के सहारे सरकारी अस्पताल से मरीजों को लूटने का शुरू हुआ खेल -अस्पताल के जिम्मेदार भी पैसे के कारण बन गए है धृतराष्ट्र -निजी अस्पताल में आशा बहुओं की मीटिंग के फोटो हो गए वायरल -नर्सिंग होम में लगभग 120 आशा बहुएं रहीं मौजूद बांटे गए तोहफे कछौना
(हरदोई)-स्थानीय कस्बे के रेलवे स्टेशन के पार एक निजी अस्पताल में आशा बहुओं को बुलाकर उनके साथ मीटिंग करने व उनको तोहफे देने की फ़ोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। मामले की शिकायत डीएम से भी फोन पर हुई है मामले की जांच व कार्यवाई की बात स्वास्थ्य महकमा कह रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते कस्बे में दर्जनों खुले नर्सिंग होम खुलेआम मरीजों को लूट रहे हैं वहीं अस्पताल प्रशासन पैसे के चलते धृतराष्ट्र बना हुआ है। कस्बे में दर्जनों खोलें नर्सिंग होम खुलेआम सरकारी अस्पताल से मरीजों को ले जाकर अपने यहां भर्ती कर मनमाना पैसा वसूल रहे इनके इस कार्य में अस्पताल प्रशासन इनकी पूरी मदद कर रहा है इसकी एक झलक देखने को मिली जब कस्बे के स्टेशन के पास स्थित एक नर्सिंग होम में आशा बहुओं की मीटिंग बुलाई गई इस मीटिंग में प्रत्येक आशा बहू को अस्पताल से एक मरीज लाने पर लगभग 1000 देने की पेशकश की गई करीब 2 घंटे तक चली इस मीटिंग में आशा बहुओं को तोहफा देकर खुश करने की कोशिश की गई।
इस मामले की शिकायत कस्बे के एक नागरिक ने जिलाधिकारी से करते हुए कार्यवाही की मांग की इस पर जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट देने की बात कही गई अब सवाल उठता है कितनी बड़ी संख्या में आशा बहुएं आखिर इस नर्सिंग होम में क्यों पहुंची वहीं अस्पताल से जुड़े सूत्रों की माने तो यह आशा बहुएं आए दिन डिलीवरी होने वाली महिलाओं को तरह तरह की बात बता कर प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती करा देती है यह नर्सिंग होम वाले इन मरीजों से मनमाना पैसा वसूलते हैं इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस गोरखधंधे की क्या जानकारी स्थानीय अधीक्षक को नहीं है यह गौर करने वाली बात है इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक विनोद साहनी से जब बात की गई तो उन्होंने बताया इसकी जानकारी नहीं है यदि ऐसा है तो मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी लेकिन सालों से चल रहे इस गोरखधंधे की जानकारी आखिर अधीक्षक को क्यों नहीं है यह बड़ा सवाल लोगों के दिमाग में गूंज रहा है अब देखना यह है की जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद इस पर क्या कार्यवाही होती है।