माफ़िया डॉन अली बुदेश द्वारा गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश से ₹10 लाख की रंगदारी मांगी जाने और मांग पूरी नहीं होने उनके परिजनों की हत्या की धमकी के बाद सुरक्षा मुहैया नहीं कराए जाने को लेकर विधायक ने एसपी विपिन कुमार मिश्रा के साथ अपनी सरकार को भी निशाने पर लिया। कहा, धमकी के बाद चिन्तित उनके समर्थक अपने शस्त्रों के साथ उनके आवास की सुरक्षा कर रहे हैं। यही नहीं, समर्थकों ने ₹10 लाख भी एकत्र किए हैं और एसपी यह रकम ले जाकर माफ़िया को सौंप दे, ताकि उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। क्योंकि, पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की उम्मीद रखना बेमानी है।
विधायक आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बोल रहे थे। कहा, विधायक का प्रोटोकॉल प्रदेश के मुख्य सचिव के समकक्ष होता है। लेकिन, हरदोई पुलिस के कप्तान विपिन कुमार मिश्रा का संवैधानिक व्यवस्था में विश्वास नहीं है। कहा, माफ़िया से धमकी भरा सन्देश मिलने के वक़्त वह बाहर थे। एसपी को कॉल कर परिवार की सुरक्षा की चिन्ता से अवगत कराया और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। लेकिन, एसपी गलत तरीके से पेश आए। अव्यावहारिक उत्तर देते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। साफ़ है, एसपी संवेदनहीन हैं और पद के दायित्व का उचित निर्वहन नहीं कर रहे हैं। उनका कार्य-व्यवहार चिन्ताजनक और निन्दनीय है। विधायक ने कहा, प्रदेश में जिन जिलों के विधायकों को धमकी भरा सन्देश मिला है, वहां उनके परिजनों को स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा मुहैया कराई है। हालांकि, विधायक ने यह भी बताया कि माफ़िया की धमकी के बाद उनकी सुरक्षा में एक अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी बढ़ाया गया है और कुल दो सुरक्षा कर्मी हो गए हैं। उन्होंने परिजनों की सुरक्षा के लिए 10 पुलिस कर्मियों की टीम की आवास पर तैनाती मांगी है।
विधायक ने सरकार की सुरक्षा और सुनवाई नीति पर भी तल्ख़ तेवर दिखाए। कहा, प्रदेश में देवी-देवताओं, महापुरुषों की प्रतिमाओं और हाथी के बुतों की हिफाज़त में सैकड़ों सुरक्षा कर्मी खपाए गए हैं। लेकिन, इस सरकार और इसके संवेदनहीन अफ़सरों की निगाह में विधायकों, उनके परिजनों और आम जनता की ज़िन्दगी की कोई कीमत व महत्व नहीं है। सुनवाई नीति को यह कहते हुए कठघरे में खड़ा किया, प्रदेश भर के विधायकों के 50 हजार पत्र सचिवालय के विधायक प्रकोष्ठ में धूल खा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में श्याम प्रकाश ने कहा, भाजपा की सरकार में हम विधायकों की तरह ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी निरीह हैं। प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेही मुख्यमंत्री की और क्षेत्र की जनता को लेकर उत्तरदायित्व विधायकों का है। लेकिन, सरकार में संगठन का दख़ल हद से ज़्यादा है। किसी अन्य सियासी प्लेटफ़ॉर्म पर जाने का इरादा है ??? सवाल के जवाब में श्याम प्रकाश ने चिर परिचित बेबाक और बेलौस अंदाज़ में कहा, फ़िलहाल 2019 तक नहीं। आगे जोड़ा, अब ये मत पूछिएगा कि उसके बाद कहां जाएंगे।प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान विधायक के पुत्र रवि प्रकाश व अभिजीत प्रकाश, प्रतिनिधि धर्मेश कुमार मिश्र व लल्ला सिंह, क्षेत्रीय प्रतिनिधि अनुपम मिश्र बखरिया व पंकज सिंह ‘टेनी’ भी मौजूद रहे।