कछौना हरदोई – रजबहा व माइनर में सफाई के नाम पर विभागीय अधिकारियों ने खानापूर्ति कर कर्तव्य से इति श्री कर ली है। जिसके चलते किसानों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। ऐसा ही एक मामला महरी माइनर का है। जिसमे सफाई के नाम पर छः महीने पूर्व मे 500 मीटर सफाई व घास फूस काटकर मामले से पल्ला झाड़ लिया है।
जिसकी शिकायत क्षेत्र पंचायत सदस्य पति अंकित कुमार वर्मा ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से है। बताते चलें कि लखनऊ ब्रांच की शारदा नहर से रजबहा निकला है। जो किसान ग्राम अंटा, महरी, सेमराकला, सेमरा खुर्द, बिबियापुर,आदि किसानों की सिंचाई का मुख्य साधन है। जिसमें सफाई न होनें के कारण संकीर्ण होकर नाली के रूप में हो गई है। पूरी तरह माइनर खत्म होनें के कगार पर था। जिसकी सफाई के लिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की, जिस पर बिभागीय अधिकारियों ने मात्र पांच सौ मीटर सफाई कार्य खानापूर्ति करके कर्तव्यों से इतिश्री कर ली है।
जूनियर इंजीनियर द्वारा गलत रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया। जिसके चलते माइनर में पूरी सफाई न होनें के कारण सैकड़ो किसानों की भूमि सिंचित होनें से वंचित हो गई है। ऐसे में किसानों को निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। पलेवा के समय पानी न मिल पाने से किसानों में मायूसी छा गई , जिसके कारण किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ देना पड़ रहा है। वहीं बिभागीय अधिकारी बजट का रोना रोते हैं। उनका कहना है , पूरी धनराशि का आवंटन न होने के कारण सफाई कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों की आय दुगुनी करने का ढिंढोरा सरकार पीट रही है। किसानों को सशक्त करने वाली योजना कागजो पर संचालित है। जिसमें किसानों को सही लाभ नहीं मिल पा रहा है।