विद्युत विभाग में उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए बड़े पैमाने पर बिजली विभाग में ठेके पर संविदा कर्मचारियों को पावर हाउस का संचालन करने के लिए रखा गया है लेकिन पिछले 7 माह से मानदेय नही मिलने के चलते संविदाकर्मियों के सामने भुखमरी की स्थिति मुंह बाए खड़ी है। आपको बताते चलें कि भले ही 7 माह से इन संविदाकर्मियों को मानदेय नही मिला है लेकिन इन्हीं संविदा कर्मचारियों के माध्यम से आम आदमी को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति संभव हो पा रही है लेकिन बिजली विभाग में सबसे ज्यादा शोषण का शिकार भी यही कर्मचारी होते हैं। मामला बावन पावर हाउस के तैनात का जंहा पर पिछले करीब 7 माह से संविदा पर तैनात कर्मचारियों को मानदेय केतौर पर शासन से हर महीने मिलने वाले 12500 का भुगतान अबतक ठेकेदार द्धारा इन विद्युत कर्मचारियों को नही किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए संविदाकर्मियों ने बताया कि बिजली विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार है व अधिकारियों द्धारा मानदेय में कमीशन मांगा जाता है और कमीशन नही देने पर उनका मानदेय पिछले 7 महीने से नही दिया गया हैं जिससे उनको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बावन पावर हाउस में तैनात संविदा कर्मचारियों ने आगे बताया कि 7 महीने से मानदेय नही मिलने को लेकर अधिकारियों के सामने कई बार गुहार लगाई गयी लेकिन उनको अभी तक मानदेय का भुगतान नही किया गया है।