कछौना(हरदोई): भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्य करने वाली भाजपा सरकार केवल ढिंढोरा पीट रही है। इसकी कार्यशैली भी पूर्ववर्ती सरकारों की तरह ही है l आम जनमानस के जीवन को बेहतर करने के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं पर जिम्मेदार ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि व अधिकारी बिना भ्रष्टाचार के अमली जामा नहीं पहनाते हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्त कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है जिससे आम जनमानस के जीवन में बदलाव आ सके l लेकिन संबंधित ग्रामप्रधान व कर्मचारी मिलकर सरकार की मंशा पर पलीता लगा रहे हैं l
विकासखंड कछौना को जिला प्रशासन द्वारा खुले में शौच मुक्त कर दिया गया है l जबकि बेसलाइन सूची के हजारों पात्रों परिवारों को धनराशि नहीं मिल पा रही है l जिसका साफ अर्थ यह है कि कागजों पर ही विकास खंड कछौना को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। अधिकांश ग्राम सभाओं में ठेके पर शौचालय मानकों को ताक पर रखकर बनाए जा रहे हैं जिनमें पीला ईट का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है l मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार द्वारा 700 पीला ईंट, 2 बोरी सीमेंट, 10 बोरी बालू रेडीमेड छत व ढक्कन देकर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें कुल अनुमानित लागत ₹8000 में शौचालय तैयार हो रहे हैं l नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि इसमें ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत, ग्राम विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी की जेब में हिस्सा जा रहा है। गांवों में शौचालय ऐसे मानक को ताक पर रखकर बनाये जा रहे हैं जो 4 दिन बाद केवल कंडे रखने के कार्य आएंगे। केवल कोरम पूरा किया जा रहा है।
आज विकास खंड कछौना की नब्बे पर्सेंट आबादी खुले में शौच जाने को विवश है l ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन के तहत तैनात खंड प्रेरक व स्वच्छता ग्राही कागजों पर कार्य कर रहे हैं l जागरूकता टीम गांव में नहीं जा रही है। एमआईएस फीडिंग फर्जी तरीके से की जा रही है। ग्रामीण मयंक सिंह, राजवीर सिंह ने ग्राम सभा भवन में शौचालय निर्माण में हो रही धांधली की शिकायत मुख्यमंत्री से जन सुनवाई के माध्यम से की है l जिसमें बताया गया है कि 633 परिवारों को शौचालय का लाभ मिला है l ग्राम प्रधान अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके लाभार्थी के खाते से धनराशि निकलवाकर मानकों को ताक रखकर शौचालय बनवाए जा रहे हैं जो 4 दिन बाद गिर जाएंगे l ऐसे शौचालयों का क्या औचित्य है कि केवल खानापूर्ति की जा रही है l
ग्राम सभा गौरी खालसा में पूर्व में बने शुष्क शौचालयों को नया दर्शाकर मानकों को ताक पर रखकर धनराशि डकारी जा रही है l उच्चाधिकारियों से शिकायत पर डीपीआरओ ने ग्राम सभा गौरी खालसा का निरीक्षण ना करके मजरे का निरीक्षण कर खानापूर्ति कर कर्तव्य से इतिश्री कर ली l
विकासखंड कछौना में एचसीएल फाउंडेशन की टीम भी जमीनी स्तर पर ग्राम सभाओं में जागरूकता का कार्य केवल कागजों पर ही कर रही है l अधिकांश ग्राम सभाओं में बेसलाइन सूची के पात्रता सूची के आधार पर धनराशि नहीं निर्गत की गई है l सामाजिक कार्यकर्ता रामखेलावन कनौजिया ने बताया कि पूरे प्रकरण की जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत पोल खोलेंगे l जिसके बाद बड़े पैमाने पर भी अनियमितताएं व भ्रष्टाचार को लेकर हाईकोर्ट की शरण जाएंगे l
रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता