कछौना- हरदोई सरकार एक ओर कह रही है कि किसी भी गरीब का आशियाना हटाया नहीं जाएगा बल्कि उन्हें यदि सम्भव हुआ तो जुर्माना लेकर मालिकाना हक दे दिया जाएगा । लेकिन नहर विभाग के अधिकारियों ने शपथ लेली है कि सरकार की नहीं अपनी हुकूमत चलाएंगे ।
इसका जीता जागता उदाहरण कछौना में उस समय देखने को मिला जब नहर विभाग का पूरा अमला व तहसीलदार मय विभाग के कर्मचारियों के साथ कब्जा हटाने पहुँचे । अधिकारियों की मनमानी से सरकार की छवि खराब होने की जानकारी लगते ही कछौना भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री ब्रह्मकुमार सिंह ने तहसीलदार को ज्ञापन देकर निष्पक्ष कार्यवाही करने को कहा । यह भी कहा कि गरीबों के साथ अन्याय न हो और पार्टी व सरकार दोनों की छवि खराब होने से बचे । तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुये लखनऊ हरदोई रेलवे लाइन से माप की तो लगभग 13 मीटर से अधिक स्कूल व दो मीटर से अधिक पंजाब नेशनल बैंक का भाग नहर विभाग की जमीन में पाया गया । जिस पर तहसीलदार ने नहर विभाग के जेई दिलीप यादव को निर्देशित किया कि आप नहर विभाग की पैमाइश सही से कराकर साफ सुथरी रिपोर्ट प्रशासन को भेजिए जिससे सरकार व प्रशासन की छवि न खराब हो । पैमाइश के बाद जेई की फर्जी रिपोर्ट की पोल खुल गयी है । जिसमे अमीरों पर रहम, गरीबो पर सितम साफ झलकता नजर आया ।
फिलहाल मामला टल गया है अब देखना है कि प्रशासन निष्पक्ष कार्यवाही करेगा या फिर गरीबों को ही बलि का बकरा बनाया जाएगा। नगर के मंडल अध्यक्ष श्री सिंह की निष्पक्षता की तारीफ सभी ने की व मामले में तहसीलदार की भी नेकनीयती दिखी । तहसीलदार ने बताया कि कई लोगों का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कार्यवाही केवल गरीबों पर कराना संदिग्धता लगता है । वही वर्षों से झोपडी बना कर रह रहे लोगो ने जेई व सम्मिलित अधिकारियों जो 15 वर्षो से कछौना में डटे है की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है । कब्जेदारों ने कहा है कि वह लोग न्यायालय में पूरी आस्था रखते हैं । आदेश विरोध में आने पर स्वतः अपनी-अपनी झोपड़ी व खोखे हटा लेंगे ।