— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
आज से आप ‘दैनिक जागरण’ के समस्त संस्करणों में प्रथम पृष्ठ पर सबसे ऊपर तिथि के आगे अल्प विरामचिह्न, फिर वर्ष का उल्लेख पायेंगे; जैसे– ११ जून, २०२०।
इस तरह से ‘दैनिक जागरण’ देश पहला ऐसा समाचारपत्र बन गया है, जिसमें शुद्धता के साथ ‘तिथि और वर्ष’ का प्रयोग आरम्भ हो चुका है। निकट भविष्य में अभी कई बदलाव होने शेष हैं।
मेरी कल राष्ट्रीय सम्पादक सम्मान्य विष्णुप्रकाश त्रिपाठी जी से अनेक अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दों के संशोधन पर कारण-सहित गम्भीर वार्त्ता हुई थी, जिसका परिणाम सुखद रहा है। राष्ट्रीय सम्पादक जी ने मेरे अनुरोध की रक्षा की है, कृतज्ञ हूँ। इस प्रतिष्ठान के स्वामी आदरणीय संजय गुप्त जी श्रद्धा के पात्र हैं, जिनके संरक्षण में ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हिन्दी-शुचिता का अभियान निरन्तर प्रगतिमान है।
उल्लेखनीय है कि ‘दैनिक जागरण’ ही वह पहला समाचारपत्र है, जिसके राष्ट्रीय सम्पादक ने मेरे अनुरोध पर ‘आरोपी’ (आरोप करनेवाला, आरोपक) के स्थान पर अर्थानुसार ‘आरोपित’ (जिस पर आरोप लगाया जाये।) कराया है; ‘जन्मदिन मना’ के स्थान पर ‘जन्मतिथि-समारोह मनाया गया’ ‘गोकशी’ के स्थान पर ‘गोकुशी’ के प्रयोग होते पा रहे होंगे/पायेंगे।
इस महत् सहयोग के लिए ‘समस्त दैनिक जागरण-परिवार’ साधुवाद का पात्र है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ११ जून, २०२० ईसवी)