- पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का मानस पुत्र बनने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
- -13 दिन की सरकार गिरने पर संसद में अटल बिहारी बाजपेयी के भाषण सुनने के बाद माना पिता
- -अटल बिहारी बाजपेयी पर लिखी कविता और काव्य “दृष्टि अटल”
- -2016 के बाद कई बार की अटल जी से की मुलाकात
- -आवास पर निजी सचिव के द्वारा करवाया पुस्तक दृष्टि अटल का विमोचन
- -पुराणों और दयानंद सरस्वती के मानस पुत्रो का दिया हवाला
- हरदोई– एक हाई स्कूल में पढ़ने वाला छात्र 1996 में अटल जी के संसद भवन में दिए भाषण से इतना प्रभावित हुआ की उसने उन्हें भगवान की तरह पूजना शुरू कर दिया –उनकी हर बात ,हर कविता उनके जेहन में रच बस गई –आज वो लखनऊ हाई कोर्ट के एक अच्छे वकील है और नित्य क्रिया के बाद सुबह भगवान से पहले वो मंदिर में राखी अटल बिहारी बाजपेयी की फोटो पर तिलक कर आरती करते है –और अपनी फरियाद भी भगवान रूपी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की फोटो के सामने करते है –वकील साहब ने अटल बिहारी बाजपाई के ऊपर एक किताब भी लिखी है जिसका विमोचन कुछ दिन पहले –अटल जी के आवास पे हुआ था -और अब दिल्ली के नामी प्रेस उसकी छपाई कर रहा है –वकील को अटल जी के स्वास्थ्य की चिंता सत्ता रही थी इसलिए पुराणों का हवाला देते हुए उन्होंने सुप्रीमकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमे अटल जी की देख रेख के लिए उनको अटल जी का मानस पुत्र घोषित करने की मांग की है —
- हरदोई के थाना अरवल के चंदापुर के रहने वाले वकील संजीव द्विवेदी हाई कोर्ट में प्रेक्टिस करते है -उनका कहना है की 1996 में जब अटल जी के सम्बोधन को सुन कर इतना प्रभावित हो गया की ऐसा लगा जैसे मेरे उनके बीच कोई रिश्ता है -और जब पहली बार मै उनसे मिला तो अटल जी ने मुझको देखा और उनकी आँख से आशु निकल पड़े और मेरे भी -ये एक भावात्मक रिश्ता था –तब से मेरी कई मुलाकाते हुई -और कई कविताये मैंने अटल जी पर लिखी -एक किताब मैंने लिखी जो अटल जी के दिल्ली आवास से विमोचन हुआ और एक प्रेस में उसको छाप रहा है –वकील का ये कहना है की उसने कई शाश्त्रो का अध्यन किया है उसमे ये भवात्मक रिश्ता है मानस पुत्र का –आज अटल जी का अपना कोई नहीं है तो मै उनको अपना पिता तुलय मानता हु –और मुझे आशा है की सुप्रीमकोर्ट मुझे निराश नहीं करेगा बल्कि उनकी देखरेख के लिए मानस पुत्र घोषित करेगा।
दरअसल अधिवक्ता संजीव द्विवेदी अक्सर पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात करने उनके आवास जाते थे । इधर उनका स्वास्थ्य गड़बड़ होने पर सुरक्षा की दृष्टि से मुलाकात में बाधा उत्पन्न हो गयी जिसके बाद से अधिवक्ता संजीव द्विवेदी ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और खुद को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का मानस पुत्र घोषित करने की मांग की । अपनी याचिका में अधिवक्ता संजीव ने पुराणों में ब्रह्मा के 14 मानस पुत्रो और दयानंद सरस्वती के 2 मानस पुत्रो का हवाला दिया ।