नहर मे नहाते समय एक किशोर की डूबकर मृत्यु और दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया

कछौना, हरदोई। कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत तीन साथी हरदोई के खेतुई बालाजी के दर्शन करने के बाद वापस लौटने के दौरान लखनऊ-पलिया मार्ग पर शारदा नहर में नहाने लगे। इसी दौरान एक किशोर की डूबने से दर्दनाक मृत्यु हो गयी और दूसरे युवक को स्थानीय ग्रामीणों ने बचा लिया। 

घटना की सूचना पर कछौना पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थानी गोताखोरों के माध्यम से रेस्क्यू किया। समाचार लिखे जाने तक शव का पता नहीं चल सका है।  
        
लखनऊ के काशीराम कॉलोनी थाना पारा के तीन साथी रविवार की सुबह मोटरसाइकिल से हरदोई के खेतुई में  बालाजी के दर्शन करने गए थे। दर्शन करने के बाद वापस आते समय तीनों साथी कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत लखनऊ से पलिया मार्ग पर डबल नहर के पास शारदा नहर में नहाने लगे, दो साथियों का संतुलन बिगड़ जाने से डूबने लगे। किशोर शशांक सिंह (13) पुत्र संजय सिंह उर्फ कमलेश, पीयूष तिवारी पुत्र संतोष तिवारी उम्र 18 वर्ष व प्रेम गुप्ता पुत्र रवि प्रकाश गुप्ता उम्र 24 वर्ष नहर में नहा रहे थे। इसी दौरान प्रेम गुप्ता में दो साथियों को जोड़ने की चीख पुकार की, प्रेम गुप्ता की चीख-पुकार से स्थानीय ग्रामीणों ने पीयूष को रेस्क्यू कर लिया, परंतु शशांक को नहीं बचा पाए। इस घटना से दोनों साथी काफी सदमे है। मृतक शशांक इकलौता पुत्र था। पिता की मृत्यु 9 वर्ष पूर्ण हो चुकी है। अपनी मां का इकलौता बुढ़ापे का सहारा था। 

प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार सिंह ने अपनी टीम उप निरीक्षक दिनेश कुमार यादव सहित पुलिस टीम व पीआरवी 112 व इमरजेंसी स्वास्थ सेवा 108 मौके पर पहुंचकर आवश्यक कदम उठाएं। प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार सिंह व उप निरीक्षक दिनेश कुमार यादव ने स्थानीय गोताखोर युवकों की टीम से नहर में काफी खोजबीन की। काफी मशक्कत के बाद लापता किशोर के शव की जानकारी नहीं मिल सकी। प्रभारी निरीक्षक ने शारदा नहर के उच्चाधिकारियों से नहर के पानी को कम करने के लिए बात की। प्रशासन के पास पेशेवर गोताखोरों की कमी व स्थानीय स्तर पर जाल आदि सुविधाओं की कमी की पोल खुली। प्रशासनिक सिस्टम की लचर व्यवस्था उजागर हुई। 

छोटी सी असावधानी से परिवार का चिराग बुझ गया। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाली क्षेत्र में डबल नहर पुल पर, करौली पुल, भुलाई खेड़ा के पास, बबुरहा के पास छोटे-छोटे बच्चे आए दिन नहर में पुल से कूदकर नहाते हुए नजर आते हैं। छोटी सी चूक के चलते आये दिन अनहोनी घटना घट जाती हैं। मृतक के पिता की मृत्यु 2013 में हो चुकी थी। मां किरण सिंह मेहनत मजदूरी कर बच्चे का पालन पोषण कहती थी। समाचार लिखे जाने तक शव का पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रशासन अपने स्तर से सीमित संसाधनों में शव को खोजने में कड़ी मशक्कत कर रही है।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता