जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई पर भ्रष्टाचार एवं धन उगाही के गम्भीर आरोप

­जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई पर भ्रष्टाचार एवं धन की उगाही के गम्भीर आरोप लगाते हुए जय हिंद जय भारत मंच ने उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को एक पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है । पत्र में लिखा गया है कि नौनिहालों के भविष्य एवं प्राथमिक शिक्षा के दृष्टिगत निम्न कदाचार किए गये हैं ।

1. वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान जनपद में जिन विद्यालयों में चुनाव बूथ था उन विद्यालयों में विद्युतीकरण एवं वायरिंग हेतु 8142 रू शासन से निर्गत किया गया था । इन पैसों से दो कक्षा कक्ष एवं कार्यालय में भूमिगत वायरिंग कराई जानी थी एवं विद्युत बोर्ड लगने थे । यह कार्य स्कूल प्रबंधन समिति को कराना था । परंतु बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एकलौते ठेकेदार अब्दुल्ला के द्वारा संपूर्ण जनपद में कार्य कराया । जिसमें केवल तार खींचकर एक बल्ब लगाया वायरिंग भी नहीं हुई । मुश्किल से ₹500 व्यय करके पूरे 6142 रु का चेक लेकर करोड़ों का गबन किया गया है।

2. विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों को भरने में व्यापक स्तर पर धांधली की गई है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जिले में शब्बीर (9458893671) नाम के ठेकेदार को अघोषित रूप से ठेका देकर प्रत्येक विद्यालय से 1200 सौ रुपए का चेक दिलवाया गया, जबकि सिलेंडर भरने की वास्तविक कीमत रुपए 500 है। इस प्रकार प्रत्येक विद्यालय से ₹700 बीएसए द्वारा लिए गए । जिले में लगभग 4000 विद्यालय हैं इस प्रकार कुल मिलाकर 25 से 30 लाख की लूट की गई है।

3. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई द्वारा दिसंबर 2017 में 35 शिक्षकों की नियुक्ति की गई जो दूरस्थ शिक्षा से प्रशिक्षण प्राप्त थे व पूर्व में शिक्षा मित्र के पद पर कार्यरत थे। प्रत्येक से 2 लाख रुपये लेकर नियुक्ति दी गई । इनकी नियुक्ति पैसे लेकर मनचाहे विद्यालयों में की गई इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए।

4. महिला शिक्षिकाओं को बाल्य देखभाल अवकाश देने में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा व्यापक स्तर पर धन की उगाही की जा रही है प्रतिमाह ₹5000 रुपए की धनराशि पर अवकाश स्वीकृत किया जाता है पैसे ना देने की स्थिति में अवकाश को अस्वीकृत किया जाता है। संचालित विद्यालयों को अनायास ही अकारणवश बंद कर दिया जाता है।

5. इस समय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष बन रहे हैं । प्रत्येक कक्ष परियोजना से रु 375000 की धनराशि स्वीकृत है किंतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रत्येक कक्ष के निर्माण में प्रभारी से ₹50000 रुपया लिया गया है। AE, JE एवं खंड शिक्षा अधिकारी का पृथक – पृथक रूप से कमीशन रु 1 लाख़ के हिसाब से तय किया जा रहा है एवं मानक विहीन निर्माण कराया जा रहा है । घटिया निर्माण बच्चों के लिए घातक सिद्ध हो सकता है । इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जानी आवश्यक है ।

6. बेसिक शिक्षकों के निलंबन के नाम पर भी धन की उगाही कराई जा रही है । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रत्येक ब्लॉक से लक्ष्य निर्धारित कर प्रतिमाह शिक्षकों को निलंबित किया जाता है । लगभग प्रतिमाह सौ शिक्षकों का निलंबन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होता है और बहाली के नाम पर उनसे ₹50000 तक की धन उगाही की जा रही है । इस प्रकार यह संगठित अपराध का धंधा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संरक्षण में फल फूल रहा है ।

पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया है कि उच्च शैक्षिक गुणवत्ता एवं नौनिहालों के भविष्य को ध्यान में रखकर शिक्षा के बाजारीकरण को रोका जाए । ताकि नौनिहालों के भविष्य के साथ शैक्षिक और प्रशासनिक भ्रष्टाचार रोका जा सके ।