बदायूं कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गयी काव्य यामिनी

  • वह केवल चौकीदार नहीं, फिर देश का गौरव आया है ।

बदायूं- रविवार की रात बदायूं कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन द्वारा आयोजित काव्य यामिनी में कवियों ने अपनी कविताओं द्वारा कार्यक्रम में समां बांध दिया। देर रात्रि तक चली काव्य संध्या में एसोसिएशन के परिजनों ने खूब लुत्फ उठाया।

एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष स्व. धीरेन्द्र नाथ टंडन की स्मृति में आयोजित काव्य यामिनी में आमंत्रित कवियों का पदाधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया। इस अवसर मुम्बई से आमंत्रित ओज कवयित्री ज्योति त्रिपाठी ने अपने ओजपूर्ण काव्यपाठ से प्रत्येक व्यक्ति को तालियां बजाने का मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बदायूँ की काव्यधरा को प्रणाम करते हुये कविता पढ़ी कि

भव्य भागीरथी धार और छोटे सरकार, सूर्यकुण्ड वाली दिव्य रीति को प्रणाम है, उर्मिलेश जी के गीत शायरी शकील जैसी, वेदामऊ वाली इस प्रीति को प्रणाम है।

नैनीताल से पधारी प्रसिद्ध कवयित्री गौरी मिश्रा ने अपनी कविताओं और गीतों से श्रोताओं को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया । उन्होंने कहा-

मैं दिल से भूलना चाहती हूँ इस गुजरे जमाने को, यहां रोते हुए चेहरों पे कुछ मुस्कान लाने को, कि नैनीताल से आयी है गौरी धूप में चलकर, शहर में आपके कविताओं की महफिल सजाने को।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे बदायूँ के युवा कवि डॉ. अक्षत अशेष ने अपनी ओजपूर्ण वाणी से सभागार में देशभक्ति का वातावरण बना दिया । उन्होंने काव्यपाठ करते हुये कहा-

वो देखो बैठ प्रगति रथ पर विजय शौर्य की लाया है, वह केवल चौकीदार नहीं फिर देश का गौरव आया है।

सदस्यों के अनुरोध पर उन्होंने अपने पिता राष्ट्रीय गीतकार डॉ. उर्मिलेश की सुप्रसिद्ध रचना “गायेंगे गायेंगे हम वन्देमातरम्” गाकर कार्यक्रम का समापन किया।

देर रात्रि तक चली काव्य यामिनी के अन्त में अध्यक्ष सुभाष चन्द्र अग्रवाल ने कवियों एवं सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजन में एसोसिएशन के सचिव आलोक प्रकाश वैश्य, वरिष्ठ सदस्य सुभाष चन्द्र रस्तोगी, रमेश कुमार गुप्ता, अजय कुमार गोयल, श्रीमती पुष्पा टंडन, सुरेश चन्द्र वार्ष्णेय, नितिन गुप्ता, सतीश चन्द्र गुप्ता, अम्बरीष तिवारी, नितिन गुप्ता, उदित गोयल आदि उपस्थित रहे। काव्य यामिनी का संचालन व संयोजन डॉ. अक्षत अशेष ने किया।