दुष्कर्म का आरोपी मंडी सचिव अभी भी कुर्सी पर डटा

          सण्डीला(हरदोई)- दलित महिला कर्मी के साथ कई महीनों से यौन शोषण का आरोपी मंडी सचिव आज भी कुर्सी पर काबिज है । जबकि उसके विरुद्ध दुष्कर्म व हरिजन एक्ट की रिपोर्ट दर्ज है। रिपोर्ट दर्ज होने के एक माह बाद भी आरोपी सचिव अपने कुर्सी पर डटा हुआ है।
         मालूम हो कि इन्फोटेक कंपनी की कर्मी कमला देवी बदला नाम 2015 में मंडी समिति सण्डीला में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त हुई थी । 2016 में अशोक कुमार सक्सेना की मंडी सचिव के पद पर नियुक्ति हुई थी, तब से वह युवती का लगातार यौन शोषण करता रहा । उसने इस बात की इन्फोटेक कंपनी तथा मंडी समिति के अधिकारियों से शिकायत की थी । उसके बाद भी अधिकारी उस पर समझौता करने का दबाव डाल रहे थे । लोक लाज के डर के कारण वह यौन शोषण बर्दाश्त करती रही।
      23 मार्च 2017 को मंडी सचिव ने युवती को अपने कमरे में बुलाया और कमरा बंद करके उस पर फिर से बुरी नीयत से झपट पड़ा । जब उसने छुड़ा कर भागने की कोशिश की तो उसे बेरहमी से मारा पीटा और धमकी दी कि यदि उसने कोई कार्यवाही की तो उसे बदनाम कर देगा । अंततः उसने ये घटना अपने माता पिता को बताया और न्यायालय की शरण ली । न्यायालय के आदेश पर 14 अक्टूबर को सीमा की ओर से कोतवाली सण्डीला में मंडी सचिव के विरुद्ध दुष्कर्म, मारपीट, बंधक बनाने एवं हरिजन एक्ट की धाराओं के अंतर्गत पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना सीओ सण्डीला अरुण कुमार सिंह को सौप दी गयी, चूँकि एसडीएम मंडी के सभापति होते है । जब उनसे पूछा गया कि सचिव अभी तक अपनी कुर्सी पर डटा है तो उन्होंने कहा कि जांच सीओ कर रहे है । सीओ अरूण कुमार सिंह ने पूछने पर बताया कि उनकी जांच तेज़ी से चल रही है । पीड़ित महिला एवं सहयोगियों के बयान दर्ज किए जा चुके है । महिला का मेडिकल भी कराया जा चुका है । सीमा का चरित्र सभी कर्मचारियों ने ठीक बताया है । पूर्व अधिकारियों ने भी उसके कार्यो की सराहना की है । इस कारण अशोक कुमार के पूर्व अधिकारियों का भी लिखित कथन मांगा गया है । उनकी रिपोर्ट आते ही वे अपनी विवेचना समाप्त कर देंगे और जो भी तथ्य पाए जायेंगे उसकी रिपोर्ट न्यायालय को भेजेंगे। परन्तु हर तरफ एक ही चर्चा है कि दुष्कर्म का आरोप लगते ही चाहे कितना बड़ा अधिकारी उसे निलंबित कर दिया जाता है । इसके बावजूद भी अशोक कुमार सक्सेना कैसे अपनी कुर्सी पर डटे है ?