मन की बात कार्यक्रम की 50वीं कड़ी : आइए हम मिलकर पीस, प्रोग्रेस और प्रोसपेरिटी को सुनिश्चित करें

साभार : आकाशवाणी


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अपेक्षा की बजाय स्‍वीकार करने और खारिज करने की बजाय चर्चा करने से संवाद अधिक प्रभावी हो सकता है।

आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम की 50वीं कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए उन्‍होंने कहा कि वे विभिन्‍न कार्यक्रमों या सोशल मीडिया के माध्‍यम से युवाओं के साथ लगातार बातचीत के प्रयास करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने रेडियो को संचार का सबसे प्रभावशाली माध्‍यम बताते हुए कहा कि पहुंच और व्‍यापकता के लिहाज से कोई भी माध्‍यम रेडियो की बराबरी नहीं कर सकता।

रेडियो जन-जन से जुड़ा हुआ है और रेडियो की बहुत बड़ी ताकत है। कम्‍यूनिकेशन की रीच और उसकी गहराई शायद रेडियो की बराबरी कोई नहीं कर सकता और जब मैंने मई 2014 में एक प्रधान सेवक के रूप में कार्यभार संभाला तो मेरे मे इच्‍छा थी कि देश की एकता, हमारे भव्‍य इतिहास, उसका शौर्य, भारत की यह कहानी जन-जन तक पहुंचनी चाहिए और बस उसी में से ये मन की बात की यात्रा प्रारंभ हो गई ।

श्री मोदी ने कहा कि आकाशवाणी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, मन की बात कार्यक्रम से समाज में सकारात्‍मकता को प्रोत्‍साहन मिला है। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज में जन आंदोलनों को बढ़ावा मिला है। श्री मोदी ने कहा कि मन की बात में स्‍वच्‍छता, सड़क सुरक्षा और मादक पदार्थ-मुक्‍त भारत, सेल्‍फी विद डॉटर जैसे विषयों को मीडिया ने नये तरीके से एक अभियान का रूप देकर आगे बढ़ाने का काम किया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की कि मन की बात के माध्‍यम से रेडियो और अधिक लोकप्रिय हो रहा है।

मन की बात के माध्‍यम से बड़े पैमाने पर जन आंदोलनों को बढ़ावा मिला है। हैशटेग इंडिया पोजिटिव को लेकर व्‍यापक चर्चा भी हुई है ये हमारे देशवासियों के मन में बसी पॉजिटिविटी की भावना की झलक है । मुझे यह देखकर खुशी हुई कि मन की बात के कारण रेडियो और अधिक लोकप्रिय हो रहा है। मैं मन की बात  परिवार के आप सभी सदस्‍यों को इस पर विश्‍वास जताने और इसका हिस्‍सा बनने के लिए अन्‍त:करणपूर्वक धन्‍यवाद देता हूं।

श्री मोदी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम शुरू करते समय ही उन्‍होंने निश्‍चय किया था कि इस कार्यक्रम में राजनीति की नहीं सामाजिक चर्चा की जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम की सबसे बड़ी बात यह है कि हर कोई इस कार्यक्रम के माध्‍यम से किसी प्रधानमंत्री से नहीं बल्कि अपने किसी निकट साथी से सवाल पूछता महसूस करता है और यही सच्‍चा लोकतंत्र है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में आवाज भले ही उनकी हो लेकिन व्‍यक्‍त भावनायें देशवासियों की होती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कोशिश की जाती है कि मन की बात में जिन पत्रों और टिप्‍पणियों को शामिल नहीं किया जा सका है उन पर संबंधित विभाग ध्‍यान दें। उन्‍होंने मीडिया के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि मीडिया के कारण यह कार्यक्रम अधिकतम लोगों तक पहुंच सका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कल संविधान दिवस है और यह उन महान विभूतियों को स्‍मरण करने का एक अवसर है जिन्‍होंने व्‍यापक और विस्‍तृत संविधान दिया। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे संविधान में निहित मूल्‍यों को आगे बढ़ायें और देश में शांति, प्रगति तथा खुशहाली के प्रयास करें।

संविधान सभा देश की महान प्रतिभाओं का संगम थी। उनमें से हर कोई अपने देश को एक ऐसा संविधान देने के लिए प्रतिबद्ध था जिससे भारत के लोग सशक्‍त हों। गरीब से गरीब व्‍यक्ति भी समर्थ बने। हमारे संविधान में खास बात यही है कि राइट्स एंड ड्यूटीस इसके बारे में विस्‍तार से वर्णन किया गया है।  नागरिक के जीवन में इन्‍हीं दोनों का तालमेल देश को आगे ले जाएगा। आइए हम सभी अपने संविधान के मूल्‍यों को आगे बढ़ाएं और अपने देश में पीस, प्रोग्रेस और प्रोसपेरिटी को सुनिश्चित करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व मनाया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि गुरु नानक ने पूरी मानवता के कल्‍याण के लिए सोचा और देश उनके प्रकाश पर्व को भव्‍य रूप से मनाएगा।

देश अगले वर्ष गुरू नानक देव जी की 550वीं जयंती समारोह को भव्‍य रूप से मनाएगा। इसका रंग देश ही नहीं दुनिया भर में बिखरेगा। इसके साथ ही गुरू नानक जी से जुड़े पवित्र स्‍थलों के मार्ग पर एक ट्रेन भी चलाई जाएगी। भारत सरकार ने एक बड़ा महत्‍वपूर्ण निर्णय किया है करतारपुर कोरिडोर बनाने का, ताकि हमारे देश के यात्री आसानी से पाकिस्‍तान में करतारपुर में गुरू नानक देव जी के उस पवित्र स्‍थल पर दर्शन कर सके।