मूलमंत्र आजादी


आत्मबल अंतर में रख जिसने स्वतंत्रता दिलाई थी।
गौरों को सबक सिखाकर जिसने वीरता दिखाई थी।।

आज़ादी जिसका मूलमंत्र कसम देश की खाई थी।
नेताजी संग नोजवानों ने ली तब अंगड़ाई थी।।

दूर फिरंगियों को करने की ताकत तभी दिखाई थी।
बोस के भाषण से अंग्रेजी शासन की नींद उड़ आई थी।।

जापान में जाकर जिसने आजाद हिन्द फ़ौज बनाई थी।
विदेशों में सुभाष ने जमकर धाक जमाई थी।।

-राजेश पुरोहित