इहे काहाला असलिका भोजपुरी
— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
ओइजा से केइजा?
हेइजा कि होइजा?
जगहि-जगहि के फरक
अघाइ गइल जिनिगिया
दऊरत, भागत, हाँफत, खेदात।
ना मनल–
एगो टिटिम्हा
ओढ़ लेहल;
सपरी त देखब
ना त राम-राम।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २१ अक्तूबर, २०२० ईसवी)