मनुष्य देवता 

डॉ. सुधेश (से. नि. हिन्दी         प्राध्यापक जवाहरलाल नेहरू           विश्वविद्यालय )

सुधेश – ३१४ सरल अपार्टमैन्ट्स , द्वारका , सैक्टर १०,  दिल्ली ११००७५ 


भारत की जनसंख्या थी जब

तैतीस करोड़

तब उतने ही थे देवता
आज सवा सौ करोड़ में
कितने देवता है ?
शायद कुछ तो होंगे ही
पर लगता है कि
आज अधिक हैं राक्षस
जैसे मुद्रा  राक्षस
अर्थात मुद्रा के पीछे राक्षस
ब्रह्मराक्षस
जो ब्रह्म हो के राक्षस
बुद्धि राक्षस
अर्थात बुद्धिजीवी वेष में राक्षस
पर भारत सरकार कभी कभी
कराती है सिर्फ जन गणना ।