उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की दहर झील प्रवासी पक्षियों के लिए अंग्रेजों के समय से एक अलग पहचान रखती है । लगभग 7 किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली झील हजारों वर्ष पुरानी है । इस झील में सात समुन्दर पार से 195 किस्म के प्रवासी पक्षी हर साल सर्दियों में आते हैं । जिनकी संख्या एक लाख तक होती है । पिछले कई वर्षों से पानी की कमी से इन विदेशी मेहमानों के आने में कमी आयी थी । इस वर्ष प्रशासन या ये कहें कि जिलाधिकारी पुलकित खरे के प्रयासों के बाद से प्रवासी पक्षियों ने झील का रुख करना शुरू कर दिया । जिसके चलतेश्री खरे के प्रयासों के चलते ही 3 से 5 फरवरी तक बर्ड फेस्टिवल का चल रहा है । इसमें विधायक से लेकर सभी अधिकारियो के साथ आम जन अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर इसे सफल बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं ।
हरदोई मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सांडी दहर झील में अक्टूबर से मार्च तक मंगोलिया, चीन, साइबेरिया जैसे देशों से पक्षी हजारो की संख्या में प्रवास के लिए आते हैं । इस झील की बदहाली को दूर करने के लिए हरदोई डीएम पुलकित खरे ने एक खास पहल की जिसमें 3 दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है । इसमें जिले के सभी स्कूल के बच्चों समेत सभी को आमंत्रित किया गया , इस मेले में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है और इसके साथ-साथ पक्षी विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है जो आगन्तुकों को पक्षियों के बारे में जानकारी दे रहे हैं । इस पहल से लोगों को प्रकृति से रूबरू होने का अवसर मिलने के साथ बच्चो में भी प्रकति के लिए लगाव बढ़ेगा ।