22 वर्ष की उम्र में UPSC क्रैक करने वाली इस युवा IAS से अपराधी खाते हैं खौफ

आइए जानें एक ऐसी महिला आईएएस अधिकारी के बारे में जो अपनी ईमानदारी भरी ड्यूटी से गरीबों की मसीहा बनकर उभरी हैं …


1984 में राजस्थान सीकर जिले के गांव बुर्जा की ढाणी में जन्मी स्वाति मीणा नायक ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में 2007 में आईएएस की परीक्षा पहले ही प्रयास में 260वीं रैंक से उत्‍तीर्ण हुईं। उस समय वह अपने बैच की सबसे युवा आईएएस थी। बतौर जिला कलेक्टर साल 2012 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की। 2014 में उनकी पोस्टिंग मध्य प्रदेश में हो गई। स्वभाव से ईमानदार एवं राजनीतिक दखल को बेवजह बर्दाश्त नहीं करने वाली इस तेज़तर्रार अधिकारी से अपराधी खौफ खाते हैं तो दूसरी तरफ देश के ग़रीब तबकों के बीच एक मसीहा बनकर उभरी हैं।

सही मायनों में स्वाति मीणा नायक काम और कर्तव्य दोनों की ही मिसाल हैं। मसलन दंगल फिल्म की स्क्रीनिंग खंडवा के बड़े ग्राउंड में करवा कर उन्होंने क्षेत्र की लड़कियों को इकट्ठा किया और उनके हौंसलों को उड़ान देने का अनूठा प्रयास किया। महिला दिवस पर महिलाओं के लिए विशेष आयोजन रखवाना हो या फिर स्कूल-कॉलेज की छात्राओं के बीच पहुंचकर उनके साथ सेल्फी खिंचवाना हो, इस मामले में स्वाति मीणा नायक की अलग पहचान है। शहर व जिले की महिलाएं व छात्राएं उन्हें पसंद करती हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान में सफलता के लिए कलेक्टर स्वाति मीणा नायक ने मुहिम भी छेड़ी थी। शहर में एक दिन तो उन्होंने विशेष सफाई अभियान चलवाया था, जिसमें 50 वार्डों में सरकारी, गैर सरकारी व स्थानीय वासियों को जोड़कर सफाई कराई थी।हिंदू मुस्लिम एकता को बनाए रखने के लिए सद्भावना मार्च और शांति बैठक का आयोजन कर खुले मंच से सामाजिक अशांति फैलाने वाले अपराधियों को खुला चैलेंज देने वाली शख्सियत स्वाति मीणा नायक अपनी साफगोई और ईमानदारी के लिए जानी जाती हैं।
इतना ही नहीं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अंदरूनी क्षेत्रों में रह रहे लोगों की समस्याओं को समझाने के साथ ही दूर करने के लिए भी प्रयासरत हैं। स्‍वाति माइनिंग माफिया पर कंट्रोल एवं राजनीतिक हस्तक्षेप से परहेज करने वाली ऑफिसर के रुप में भी जानी जाती हैं।
स्वाति ने मध्यम वर्गीय परिवार में रहकर सीमित सुविधाओं के चलते लगातार दस दस घंटे पढ़ाई कर सफलता के इस मुकाम को हासिल किया है। स्वाति के पिता रेलवे में हैं और मां सरकारी स्कूल में अध्यापिका। माता-पिता के संघर्ष को सही मायनों में सार्थक कर देती हैं, स्वाति मीणा नायक जैसी संतान, जब माता-पिता को देखकर लोग कहते हैं कि यह स्वाति मीणा नायक के माता पिता हैं।

साभारः उ.प्र.पु.ए .