कहानी ढोंगी बाबा का पार्ट 5 : रूहानी फकीर बाबा
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– एक रात गाँव के रामदीन की पंद्रह साल की बेटी चंपा मजार पर अपनी माँ के साथ गई। माँ ने चादर चढ़ाई। चंपा बाहर खड़ी रही। शरीफ ने उसे देखा। “नाम […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– एक रात गाँव के रामदीन की पंद्रह साल की बेटी चंपा मजार पर अपनी माँ के साथ गई। माँ ने चादर चढ़ाई। चंपा बाहर खड़ी रही। शरीफ ने उसे देखा। “नाम […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– शरीफ ने मजार के पीछे की टूटी-फूटी कोठरी को अपना ठिकाना बना लिया था। दिन में वह वहाँ कम ही रहता। शाम ढलते ही उसका असली समय शुरू होता। लोग आते। […]