भोजपुरी गीत : देखनी किसानवा के रोवत हो
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- खेतवा देखनी, खरिहनिया देखनी, देखनी किसानवा के रोवत हो। जाँघभर पनिया में धानवा के रोपत, अपना भविसिया१ के बोवत हो। घर-दुआरि भँसल, डेरा-डाँड़ बिलाइल, रही गइल मददिया२ के जोहत हो। कहाँ […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- खेतवा देखनी, खरिहनिया देखनी, देखनी किसानवा के रोवत हो। जाँघभर पनिया में धानवा के रोपत, अपना भविसिया१ के बोवत हो। घर-दुआरि भँसल, डेरा-डाँड़ बिलाइल, रही गइल मददिया२ के जोहत हो। कहाँ […]