21 सितम्बर से चलेगी सामान्य बहस….

September 21, 2021 0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरिका की यात्रा के दौरान 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र को संबोधित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने समाचार एजेंसी पीटीआई को […]

विमर्श : शोले उगलने वाली क़लम और लब आख़िर क्यों हैं ख़ामोश ?

November 5, 2020 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिस पर विचार-विमर्श भी किया गया । आप भी इस विचार-विनिमय में प्रतिभाग कर सकते हैं । प्रस्तुत है विमर्श की संक्षिप्त बातें… राघवेन्द्र […]

कोरोना वायरस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता सम्पन्न

March 23, 2020 0

भवानीमंडी:- देश की जानमानी संस्था साहित्य संगम संस्थान के अंतर्गत चौबीस घंन्टे मंच पर रविवार को करोना वाइरस को लेकर एक वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस पर देशभर के हमारे सभी साहित्यकार […]

लोकसंसद में विमर्श : इ०वी०एम० की क्रियाप्रणाली पर जब बार-बार अँगुलियाँ उठ रही हैं तब ‘मतदानपत्र’ की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?

December 7, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- कवि प्रशान्त मिश्र- महोदय अभी तक खूब रखा । जब देश को गाली व भारत माँ को लोग गाली देते हैं, तब आप जैसे लोग कुछ नहीं कहते । डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- […]

परिसंवाद का विषय : यदि पुत्र ‘कुपुत्र’ होता है तो माता भी ‘कुमाता’ होती है?

November 21, 2017 0

०परिसंवाद-आयोजन० सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय  कर्ण का दोष क्या था?  पन्ना धाय के पुत्र का दोष क्या था?  एकलव्य का दोष क्या था ? कबीर का दोष क्या था?  ध्रुव का क्या दोष था? […]

देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है?

November 11, 2017 0

——-०परिसंवाद-आयोजन०——- सूत्रधार-संयोजक : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विषय : देश की सरकार का जी०एस०टी० पर पलटी मारना, अनुभवहीनता का परिचायक है? जिस तरह से आज (१० नवम्बर, २०१७ ई०) देश की सरकार ने १७७ वस्तुओं पर […]

परिसंवाद-आयोजन – विषय : ‘दलित’ शब्द के स्थान पर अब ‘सर्वहारा’ शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए?

November 8, 2017 0

संयोजक-सूत्रधार : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निस्सन्देह, यह गम्भीर विषय है; जिसका सामाजिक महत्त्व कम, परन्तु ‘राजनीतिक’ बहुत अधिक है। इसी ‘दलित’ शब्द को देश के राजनेताओं और मीडियाकर्मियों ने भारतीय समाज में इस रूप में […]