Goswami tulsidas
“तुलसीदास ईश्वरीय सत्ता की आवश्यकता को गहराई से समझते थे”– डॉ० रागिनी अवस्थी
गोस्वामी तुलसीदास की ५२६वीं जन्मतिथि के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’ की विशेष प्रस्तुति यदि कोई जनकवि है तो वह हैं, ‘तुलसीदास’। ‘वैराग्य संदीपनी’, ‘श्री रामचरितमानस’, ‘विनयपत्रिका’, ‘गीतावली’, ‘कृष्णगीतावली’, ‘कवितावली’, ‘सतसई’, ‘दोहावली’, ‘रामाज्ञाप्रश्न’, ‘जानकीमंगल’, ‘पार्वतीमंगल’, ‘ ‘रामललानहछू’, […]
रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षामन्त्री का बयान अक्षम्य : नितेश शर्मा
आदित्य त्रिपाठी : लखनऊ : बिहार के जाहिल शिक्षामंत्री प्रो० चंद्रशेखर सिंह ने भारतीय दर्शन के महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ तुलसीदासकृत रामचरितमानस पर अमर्यादित टिप्पणी कर सनातनधर्मियों मे क्षोभ उत्पन्न कर दिया है। कुछ समय पूर्व इसी […]
शिक्षक दिवस शुभ हो : बंदउं गुरु पद पदुम परागा
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– शिक्षक दिवस शुभ हो… बंदउं गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।।अमिअ मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू॥ (मै गुरुवर के कमल के समान कोमल चरण-धूलि की वंदना […]
तुलसीदास एक महान् जीवनद्रष्टा थे : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
गोस्वामी तुलसीदास-जन्मतिथि-समारोह सम्पन्न । “गोस्वामी तुलसीदास ने मध्ययुगीन भारत की सम्पूर्ण चेतना को काव्यमय वाणी दी है। तुलसी से पूर्ववर्ती दार्शनिक विचारधाराओं और सम्प्रदायों के परस्पर विरोध का कारण मात्र सैद्धान्तिक नहीं था, अपितु वास्तविकता […]