“हम जीवनमूल्योँ को भूलते गये; अब तो कोई जीवन-मूल्य है ही नहीँ”– महादेवी वर्मा

March 26, 2025 0

“आपने जब काव्यक्षेत्र मे प्रवेश किया था तब उस समय का साहित्यिक परिवेश कैसा था?” “कहाँ से शुरू करूँ? अच्छा कुछ सोचने दीजिए। अतीव सम्भावनाओँ से विकसित था, उस समय का साहित्यिक परिवेश। १९१७ मे […]

महीयसी महादेवी की अविस्मरणीय सारस्वतधर्मिता

September 11, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद-आगमन और क्रॉस्थवेट स्कूल, इलाहाबाद मे प्रवेश करने के अनन्तर महादेवी वर्मा की साहित्य-साधना अबाध्य गति मे (‘गति से’ अशुद्ध है।) चलती रही। ‘माँ ने सुनी एक करुण कथा’ का […]

आज (११ सितम्बर) ही की तिथि में महादेवी जी का शरीरान्त हुआ था

September 11, 2022 0

स्वनामधन्य महीयसी महादेवी वर्मा का विलक्षण कर्तृत्व — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इलाहाबाद-आगमन और क्रॉस्थवेट स्कूल, बाई का बाग़, इलाहाबाद मे प्रवेश पाने के बाद महादेवी जी की साहित्य-साधना अबाध्य गति में चलती रही। ‘मा […]

महादेवी वर्मा की आचरण की सभ्यता उच्च कोटि की थी– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

March 26, 2022 0

‘साहित्यकार-संंसद्’, रसूलाबाद, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे २६ मार्च को महीयसी महादेवी वर्मा की ११५वीं जन्मतिथि का आयोजन किया गया। दो सत्रों मे आयोजित सारस्वत समारोह का प्रथम सत्र वैचारिक और बौद्धिक था, जो महादेवी वर्मा […]