पलायनवादी आक्रोश और ‘इन्क़िलाब ज़िन्दाबाद’ का यथार्थ
‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय — आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज जिधर देखिए उधर, ‘पलायनवादी आक्रोश’। चेहरे निस्तेज; हथेलियों की आग बुझी हुई। दिखती है तो नितम्ब-प्रान्त में बाँस डालकर ख़ुद को सबसे अधिक […]