सनातन धर्म, भारतीय दर्शन और आत्मबोध की परंपरा के आलोक में दिव्य जीवन का प्रथम चरण

July 14, 2026 0

डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– भारतीय दर्शन का मूल प्रयोजन केवल तात्त्विक विमर्श या बौद्धिक जिज्ञासा की तुष्टि नहीं है, अपितु मानव जीवन को उसके परम पुरुषार्थ—आत्मसाक्षात्कार एवं ब्रह्मानुभूति—की ओर उन्मुख करना है। भारतीय मनीषा के […]

आइए! आत्म परीक्षण कर, चेतना जाग्रत् करेँ

December 31, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज वह क्षण है, जो हमे बाध्य कर रहा है, अपने भीतर के सत्य और मिथ्या के साथ संवाद करने के लिए; क्योँकि वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है; इतिहास […]

जाग्रत्१ आत्मबोध

July 4, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मेरे शहर मे,दूधमुँहे साँपों की नस्लेंफ़न काढ़ना सीख गयी हैं।चुगुलख़ोर हवा२ के साथगलबँहिया करते हुए,नायाब प्रजाति के प्रतिकूल औलाद३सुर-मे-सुर मिलाना सीख गये हैं।यों तो साँपों की कई नस्लें हैंपर दुधमुहेँ४,ज़रूरत […]