आलोचनाधर्म-मर्म तथा कर्म की अवधारणा

October 24, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हम जब जड़-चेतन/स्थावर-जंगम पर ‘नख-शिख’ (नीचे से ऊपर तक) दृष्टि-निक्षेपण/दृष्टिपात करते हैं तब हमे विकृति (विकार) दिखती है और सुकृति (सुकार) भी। यह द्रष्टा का अधिकारक्षेत्र होता है कि वह […]

बालकृष्ण भट्ट हिन्दी-साहित्य के प्रथम व्यावहारिक आलोचक थे— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ

July 20, 2021 0

स्वनामधन्य निबन्धकार और पत्रकार पं० बालकृष्ण भट्ट इलाहाबाद में जन्मे, पले, बढ़े तथा अन्तिम श्वास भी यहीं लिया। तब तक वे साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्रों में अपना महत् प्रभाव स्थापित कर चुके थे। भाषाविज्ञानी […]

इस्‍पात और अल्‍मूनियम के आयात पर नये शुल्‍क लगाने के कारण अमरीकी वित्‍त मंत्री स्‍टीवन म्‍नुचिन की कड़ी आलोचना

June 4, 2018 0

जी-7 देशों के वित्‍त मंत्रियों ने अमरीका के राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रम्‍प से इस्‍पात और अल्‍मूनियम के आयात पर नये शुल्‍क लगाने का फैसला वापस लेने को कहा है। कनाडा के व्हिसलर में आयोजित इस बैठक […]