अधिकारियों की गलती का खामियाजा भुगत रहा आवेदक

आखिर अधिकारी-अधिकारी तो भाई-भाई हैं, चाहें चोर हों या साहूकार । उन पर कार्रवाई कौन करेगा सोचने वाली बात है ?

         अतरौली– सण्डीला तहसील मे चार रुपया मासिक का आय प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में की गयी अधिकारियों की गलती का खामियाजा आवेदक को भुगतना पड़ रहा है । ज्ञात हो कि गलती करने वाले अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।
           तहसील के ग्राम पंचायत सोनिकपुर के मजरे ग्राम अल्लीपुर निवासी आवेदक चंद्रिका का कहना है कि आखिर अधिकारी-अधिकारी तो भाई-भाई हैं, चाहें चोर हों या साहूकार । उन पर कार्रवाई कौन करेगा सोचने वाली बात है ? आम नागरिकों को दौड़ा दौड़ा कर परेशान करना तो अधिकारियों की रग-रग मे बसा है। बता दें कि चंद्रिका ने अपना आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गत 13 जून को आन-लाइन आवेदन जन सेवा केन्द्र से किया था। सण्डीला तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों ने लापरवाही की सारी हदें पार कर आंख बन्द करके आय प्रमाण पत्र चार रुपया मासिक अर्थात अड़तालिस रुपया वार्षिक का जारी कर दिया। चार रुपया वाला आय प्रमाण पत्र देखकर आवेदक दंग रह गया। मामला मीडिया की सुर्खियाँ बन गया। इस मामले पर लेखपाल का कहना है कि फीडिंग करने में जीरो गायब हो गये।
जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि लेखपाल सुशील कुमार मौर्य की रिपोर्ट पर प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इसका मतलब बनता है कि अधिकारी आंख बन्द कर चिड़िया (हस्ताक्षर) बैठा देते हैं । अब कामचोर अधिकारियों के अधीनस्थ कर्मचारी जो लिखना चाहें आदेश मे लिख लें। कुल मिलाकर सभी अपने नीचे वाले पर गलती मढ़ने में लगे हैं। कार्रवाई की बात कोई नहीं करता है। आवेदक को पुनः आवेदन और खर्चा करने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।