उत्तरप्रदेश मे दरिन्दगी चरम पर! बहनेँ-बेटियाँ सुरक्षित नहीँ। इस सच्चाई को अब हर व्यक्ति जान-समझ चुका है। आयेदिन योगीराज को ललकारते हुए, दरिन्दगी को अंजाम दिया जा रहा है। इसका जीता-जागता उदाहरण ६ अक्तूबर का देवरियाकाण्ड है, जिसमे आठवीँ कक्षा की दो छात्राएँ अपने विद्यालय से परीक्षा देकर लौट रही थीँ। वे अपने विद्यालय से लगभग ५०० मीटर की दूरी पर थीँ कि अचानक बाइक पर चार सवारोँ ने उन छात्राओँ को घेर लिये थे। वे उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे; किसी तरह पीछा छुड़ाकर दोनो चीख़तीँ-चिल्लातीँ बदहवास होकर ”पापा… पापा बचाओ” की गुहार लगाती भाग रही थीँ। उनके चीख़ने-चिल्लाने से सम्भवत: आस-पास के लोग घर से निकले होँगे, तभी वे गुण्डे उन बालिकाओँ को छोड़कर भागने लगे थे, जिनमे से दो गुण्डे बाइक लेकर सड़क से किनारे खेत की ओर भागने लगे थे।
भले उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री कहलानेवाले आदित्यनाथ योगी अपनी पुलिस के बल पर योगीराज उत्तरप्रदेश से गुण्डा साफ़ का नारा लगाकर अपने हाथोँ अपनी ही पीठ थपथपाते रहेँ फिर भी गुण्डे-लफंगे उनके दावे को रुई की तरह से हवा मे उड़ाते दिख रहे हैँ और पुलिस-व्यवस्था को अँगूठा दिखाते आ रहे हैँ। यदि ऐसा नहीँ रहता तो बी० एच० यू०, वाराणसी की आइ०टी० छात्रा के साथ आधी रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्त्ताओँ-द्वारा किये गये सामूहिक बलात्कार पर पर्दा नहीँ डाला जाता; उस लड़की के साथ न्याय किया जाता; परन्तु वे दरिन्दे आज भी योगीराज के दावोँ की हवा निकालते हुए, आज़ाद घूम रहे हैँ।
जिस तरह से पुलिस को अवैध एनकाउण्टर का अधिकार आदित्यनाथ योगी ने दे रखा है ठीक उसी तरह से हर माँ-बाप को अपनी बेटियोँ की सुरक्षा मे दरिन्दोँ की अवैध हत्या करने का अधिकार देना चाहिए। उत्तरप्रदेश की पुलिस अपने कर्त्तव्य के प्रति कितनी सजग रही है, हमने अतीत मे देखा है और वर्तमान मे भी देख रहे हैँ। देश के सबसे मुख्य राज्य उत्तरप्रदेश मे पुलिसबल की संख्या बहुत कम है और अपराध चरम पर है। ऐसे मे, हर माँ-बाप, भाई को भी अवैध एनकाउण्टर करने का अधिकार मिलना चाहिए।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ७ अक्तूबर, २०२४ ईसवी।)