भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने गत दिवस ‘केन्द्रीय राज्य पुस्तकालय’ (उ० प्र०), प्रयागराज एवं ‘क्षेत्रीय अभिलेखागार’, प्रयागराज का ‘हिन्दीसमाचार-सेवाप्रभाग, आकाशवाणी, दिल्ली मे सम्पादक अमित राजपूत के साथ शैक्षिक भ्रमण किया। आचार्य ने सर्वप्रथम ‘केन्द्रीय राज्य पुस्तकालय’ मे स्थानीय और अन्तेवासी विद्यार्थियोँ की अनुशासनपूर्ण अध्ययनशीलता देखकर कहा, “वास्तव मे, पुस्तकालय और वाचनालय हो तो ऐसा ही, जहाँ समुचित सुविधाएँ हैँ और विद्यार्थियोँ के लिए पठन-पाठन के लिए अनुकूल वातावरण भी।”
इस अवसर पर आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने अपनी छात्रोपयोगी पुस्तकेँ :– सामान्य हिन्दी एन्साइक्लोपीडिया, प्रयोजनमूलक हिन्दी, मीडिया : दृष्टि और संदर्भ, स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’ तथा अपने एक सारस्वत मित्र डॉ० अलका प्रचण्डिया की पुस्तक ‘समीक्षा के वातायन’ दान कीँ, जिसे वहाँ के पुस्तकालयाध्यक्ष राम आसरे सरोज और सहायक अधिकारी रूशी श्रीवास्तव ने ग्रहण किये। आचार्य और राजपूत ने ‘क्षेत्रीय अभिलेखागार’, प्रयागराज का अवलोकन करते हुए, उसमे बहुत ही सुरक्षित ढंग से रखे गये उत्तरप्रदेश के समस्त जनपदोँ के प्रामाणिक राजपत्रोँ को अति उपयोगी बताया। आचार्य ने अभिलेखागार अधिकारी राकेश वर्मा को अभिलेखागार के लिए अपने द्वारा सम्पादित और प्रयागराज-प्रशासन की ओर से प्रकाशित ऐतिहासिक पुस्तक ‘स्वातन्त्र्य-समर मे इलाहाबाद का शंखनाद’ प्रदान किया। उन्होँने पुस्तकालय और अभिलेखागार मे स्वयं-द्वारा सम्पादित हिन्दी साहित्य सम्मेलन के मुखपत्र राष्ट्रभाषा संदेश के ‘हिन्दीभाषा-उत्थान- विशेषांक’ की एक-एक प्रति भी प्रदान की।
उसके बाद आचार्य ने राजकीय इण्टर कॉलेज की अध्यापक-अध्यापिकाओँ की आवासीय बस्ती की अध्यापिका शिखा वर्मा के आवास मे उपस्थित अध्यापक-अध्यापिकाओँ एवं छात्र-छात्राओँ को भाषा-व्याकरण का आरम्भिक बोध कराया; सिखाया और लिखाया भी।
इस अवसर पर आचार्य ने कहा, “कुछ भी लिखने से पहले प्रयोग किये जानेवाले शब्दोँ पर कई बार विचार करने होँगे। हर विद्यार्थी और अध्यापक के भीतर प्रतिभा है, जो दबी रहती है; आवश्यकता है, उसे बाहर खीँच लाने की।”
इस अवसर पर राकेश वर्मा, अमित राजपूत, शिखा वर्मा (प्रवक्ता– हिन्दी राजकीय इण्टर कॉलेज, प्रयागराज), डॉ० पवनेश चखारिया, विनय प्रकाश (प्रवक्ता– गणित, राजकीय इण्टर कॉलेज, प्रयागराज,) स्नेहलता सिंह (सहायक अध्यापक– बेसिक शिक्षा विभाग) जाह्नवी, ऋतिका, सान्वी, श्रेयांश आदिक उपस्थित थे।