संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1948 में आज ही के दिन 10 दिसम्बर को पेरिस में पैले दु शेयू में वैश्विक मानवाधिकार घोषणा पत्र को अंगीकार किया था । इसलिए आज के दिन को विश्व मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाते हैं । वैश्विक मानवाधिकार घोषणा पत्र का प्रारूप जनवरी, 1947 से लेकर दिसम्बर, 1948 के बीच तैयार किया गया था । दुनियाभर में बुनियादी मानवाधिकार तय करना ही इसका उद्देश्य था । इस घोषणा पत्र के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति के कुछ बुनियादी अधिकार हैं । भले ही वह किसी भी देश या धर्म का हो । यह घोषणा पत्र विश्व में सबसे ज्यादा अनुदित दस्तावेज है और पांच सौ से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है । मानवाधिकार दरअसल हमारे मूल अधिकार ही हैं । इनमें जीवन जीने के लिए आवश्यक अधिकारों यथा रहने का अधिकार, स्वास्थ्य का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, बोलने की आजादी और समानता का अधिकार शामिल हैं ।
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