रामलीला में मेघनाद वध और कृष्णलीला में कंस वध का किया गया भावपूर्ण मञ्चन

हरदोई 25 फरवरी- शहर के नुमाइश मेले में चल रही भगवान की लीलाओं का मंचन श्रीधाम वृंदावन से आए श्री बृजरास विलास लीला संस्थान के निर्देशक विष्णु कुमार दत्तात्रेय के निर्देशन में कलाकारों ने किया। कलाकारों की प्रस्तुति को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

रामलीला में भगवान श्रीराम कुंभकरण का वध करते हैं। यह बात मेघनाथ को मालूम होती है। मेघनाथ अपने चाचा की मौत की खबर सुनकर गुस्से में आता है। वह प्रभु श्रीराम से युद्ध करने के लिए चल पड़ता है। लक्ष्मण व हनुमान जी उसका अपमान कर देते हैं। मेघनाथ का लक्ष्मण जी वध कर देते हैं और मेघनाथ की भुजा को लंका में फेंक देते हैं। सिर को रामादल में रख लेते हैं।

इसके साथ ही रात की वेला में श्रीकृष्ण लीला के अंतर्गत भगवान कंस को मारने के लिए निकलते हैं। अत्याचारी कंस को मौत के घाट उतारकर प्रभु श्रीकृष्ण अपने माता पिता को कंस की कैद से आजाद कराते हैं। इसके साथ ही महाराज अग्रसेन को भी आजाद कराते हैं। इस प्रकार भगवान अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इन सभी दृश्यों को देखकर दर्शक बेहद भावुक होते हैं। इस मौके पर रामप्रकाश शुक्ल, कृष्ण अवतार दीक्षित, वियोग चन्द्र मिश्रा, प्रेम शंकर द्विवेदी, प्रमोद मिश्रा, बब्लू शुक्ला, मुनेन्द्र सिंह आदि लोग मौजूद रहे।