ग्रामीणों ने झब्बूखेड़ा परिषदीय विद्यालय में पंचायती चुनाव में बूथ बनाने की मांग उपजिलाधिकारी से की

कछौना (हरदोई) : कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम झब्बू खेड़ा के ग्रामीणों ने पंचायती चुनाव में झब्बू खेड़ा परिषदीय विद्यालय में उसरहा भाग संख्या 57 बूथ बनाने की मांग उपजिलाधिकारी सण्डीला से की है।

बताते चलें विकास खण्ड बेहन्दर की ग्राम सभा उसरहा का ग्राम झब्बू खेड़ा के ग्रामीणों ने उप जिला अधिकारी संडीला को पत्र देकर ग्राम झब्बू खेड़ा के परिषदीय विद्यालय में भाग संख्या 57 बूथ बनाने की मांग की है। उप जिलाधिकारी संडीला को दिए गए पत्र में झब्बू खेड़ा के ग्रामीणों ने बताया लोकसभा व विधानसभा की वोटिंग झब्बू खेड़ा में बने परिषदीय विद्यालय में होती है, तथा जब पंचायती चुनाव आते हैं तो उन्हें वोट डालने के लिए डम्मर खेड़ा जाना होता है। जबकि ग्राम झब्बू खेड़ा में काफी बुजुर्ग व बीमार व्यक्ति रहते हैं। डम्मर खेड़ा की दूरी अधिक होने के कारण जो उसरहा ग्राम सभा के ग्रामीण अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाते हैं। क्योंकि झब्बू खेड़ा से डम्मर खेड़ा की दूरी लगभग 3 किलोमीटर है, जबकि जम्मू खेड़ा में बने परिषदीय विद्यालय की दूरी मात्र 500 मीटर है।

ग्रामीणों ने एक और आरोप लगाते हुए बताया ग्राम डम्मरखेड़ा की आबादी मात्र 300 है जबकि उनके ग्राम सभा की आबादी लगभग 1200 है, फिर भी उनके ग्राम सभा में बने परिषदीय विद्यालय में बूथ न बनाकर प्रशासन द्वारा उनके मौलिक कर्तव्यों को अनदेखा किया जा रहा है। डम्मरखेड़ा का जर्जर पंचायत घर को बूथ बना दिया जाता है। जिससे व्रद्ध व बीमार व्यक्तियों को काफी असुविधा होती है। ग्रामीण रतनलाल पूर्व प्रधान व अयोध्या प्रसाद पूर्व वीडीसी वह अफसर गाजी ने बताया भारत का संविधान ही देश के नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। हर एक भारतीय नागरिक को हर पांच साल में अपने पंचायत के चुनावों में अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार होता है। वह अपने एक मत के दम पर एक नेतृत्वकर्ता का चयन करता है। मतदान करना भारतीय नागरिक का न सिर्फ अधिकार है बल्कि मौलिक कर्तव्य भी है। परंतु प्रशासन की शिथिलता के कारण काफी दूर बूथ बना कर हमारी ग्राम सभा के वृद्ध व बीमार, महिलाएं, दिव्यांग लोग इस अधिकार से वंचित रह जाते हैं।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता