कल (३१ अक्तूबर) शनिवार रहेगा। आप 'दैनिक जागरण-परिवार' के सौजन्य से प्रति शनिवार को प्रस्तुत उक्त पाठशाला में उन शब्दों का संबोध करेंगे, जिनका अशुद्ध और अनुपयुक्त प्रयोग अधिकतर लोग करते आ रहे हैं। हो सकता है, उनमें से एक आप भी हों। तो कल की 'भाषा की पाठशाला' में आप सभी का स्वागत रहेगा।
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