आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

अधोटंकित मे से शुद्ध उत्तर का चयन करें :–
◆ यहाँ किये गये प्रश्नो के कारणसहित उत्तर दिये गये हैं।

१– परीक्षक उत्तर-पुस्तिका का क्या करता है?
(क) मूल्यांकन (ख) चेक
(ग) दृष्टिपात (घ) इनमे से कोई नहीं।
उत्तर– (घ) परीक्षण
● परीक्षा, परीक्षार्थी तथा परीक्षक शब्द उपयुक्त हैं। टिकट, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस), अधिकारपत्र आदि का चेक किया जाता है; व्यक्तित्व, प्रतिभा, मेधादिक का मूल्यांकन किया जाता है तथा उत्तरपुस्तिका का परीक्षण। दृष्टिपात तो सामान्य शब्द है। आप जो कुछ भी देखते हैं, वह ‘दृष्टिपात’ है।

२– यह क्षेत्र दुर्घटना —– क्षेत्र है।
(क) बहुलता (ख) बाहुल्य
(ग) बहुल (घ) इनमे से कोई नहीं।
उत्तर– (घ)
● इस प्रश्न मे ‘क्षेत्र’ की पुनरावृत्ति हुई है, इसलिए यहाँ कोई विकल्प लागू नहीं होगा। यदि प्रश्न होता– ‘यह क्षेत्र दुर्घटना……. है।’ तब ‘बहुल’ का प्रयोग होता।

३– साहित्य, संस्कृति तथा कला———-भारत बहुत आगे है।
(क) के क्षेत्र मे (ख) इन क्षेत्रों मे
(ग) तीनों क्षेत्रों मे (घ) इनमे से कोई नहीं।
उत्तर– (घ)
● यहाँ साहित्य, संस्कृति तथा कला ‘तीन क्षेत्र’ दिख रहे हैं, इसलिए आपका उत्तर होगा– के क्षेत्रों मे।

४– लोग वहाँ……… मौजूद थे।
(क) बहुत अधिक मात्रा मे (ख) भारी संख्या मे
(ग) बहुसंख्य संख्या मे (घ) अधिकतर संख्या मे
(ङ) इनमे से कोई नहीं।
उत्तर– (ङ)
● ‘लोग’ की गणना की जाती है, जिसका आधार ‘संख्या’ है और संख्या सदा छोटी-बड़ी होती है, इसलिए आपका उत्तर होगा– बड़ी संख्या मे।

५- ‘लिए’ शब्दभेद के किस ‘प्रकार’ के अन्तर्गत आता है?
(क) क्रिया-विशेषण (ख) सर्वनाम
(ग) क्रिया (घ) इनमे से कोई नहीं।
उत्तर– (घ)
● अव्यय; क्योंकि हम ‘लिए’ की वर्तनी मे किसी भी प्रकार का विकार उत्पन्न करके, कोई सार्थक शब्द-सर्जन (‘सृजन’ अशुद्ध शब्द है।) नहीं कर सकते। दूसरे वाक्य मे– हम ‘लिए’ शब्द के लिंग, वचन, अवस्था आदिक मे कोई बदलाव नहीं कर सकते; जैसे– उनके लिए। इस ‘लि’ और ‘ए’ मे से किसी मे भी अथवा एक साथ दोनो (लिए) मे न तो हम आ, इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ आदिक की मात्रा का प्रयोग कर सकते हैं और न ही विसर्ग, रेफ़, अनुस्वार, अनुनासिक, आगत चिह्नो आदिक का; क्योंकि ‘लिए’ अपने समूचे अर्थ के साथ अपनी जगह पर अडिग है, इसीलिए यह ‘अव्यय’ कहलाता है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २१ अक्तूबर, २०२२ ईसवी।)