शिव को सर्वाधिक प्रिय है, ‘श्रावणमास’
यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है, जोकि शब्दभेद की दृष्टि से विकारी शब्दान्तर्गत संज्ञा है तथा लिंगानुशासन के विचार से पुंल्लिंग-शब्द। यह षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी है। यह दो सहायक शब्दोँ का योग है, […]
यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है, जोकि शब्दभेद की दृष्टि से विकारी शब्दान्तर्गत संज्ञा है तथा लिंगानुशासन के विचार से पुंल्लिंग-शब्द। यह षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी है। यह दो सहायक शब्दोँ का योग है, […]
‘हिन्दी-संसार’ संस्था प्रयागराज की ओर से ५ जनवरी को संस्था-सभागार मे राष्ट्रीय स्तरीय पर प्रतिभा-सम्मान समारोह एवं भाषाविशेषज्ञ-सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमे वैयाकरण एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने सभागार मे देश के […]
आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला•••••••••••••••••••••••••• ★ परिक्षा– इस ‘परिक्षा’ शब्द की वर्तनी (अक्षरी) देखते ही कोई भी सुस्पष्ट शब्दोँ मे कह देगा– यह जो ‘परिक्षा’ शब्द दिख रहा है, पूरी तरह से ग़लत है; […]
बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान एवं महाराष्ट्र-राज्योँ के चार शिक्षालयोँ के-की प्रधानाचार्य एवं हिन्दीविभागाध्यक्ष ने ‘आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ नामक कृति की बड़ी संख्या मे प्रतियोँ का आदेश किया है, जिसके कारण अब कुल एक […]
यह पाठशाला प्रकाशन की दृष्टि से यहीँ पर विराम लेती है; परन्तु इसका टंकण होता रहेगा; क्योँकि अभी एक सहस्र पाठशाला-प्रणयन करनेका लक्ष्य है, जो हमारे सुविधानुसार लक्ष्य की ओर अग्रसर रहेगा। दो सौ एक […]
आइए! आभासी और वास्तविक दुनिया के हम समस्त मित्रवृन्द समवेत स्वर मे संकल्प करें (‘संकल्प लें’ अशुद्ध है।) :–किसी भी महिला-पुरुष को ‘मैडम-सर’ के स्थान पर क्रमश: ‘महोदया’ और ‘महोदय’ शब्दों से ही सम्बोधित करेंगे। […]
शब्दों मे (‘शब्दों के’ अशुद्ध है।) अन्तर को समझें― ◆ कोश और कोष‘कोश’ नैसर्गिक, स्वाभाविक तथा प्राकृतिक है, जबकि ‘कोष’ अनैसर्गिक, कृत्रिम तथा अस्वाभाविक है।आप ‘कोशिका’ का प्रयोग करते हैं; क्योंकि वह निसर्ग/ प्रकृति-जन्य है। […]
‘हिन्दी-संसार ऑन-लाइन’ शैक्षिक संस्थान’, सलोरी, प्रयागराज की ओर से ६ मई को भाषाविज्ञानी और वैयाकरण आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की बहुचर्चित पाठशाला का आयोजन संस्थान के सभागार मे पूर्वाह्ण १० बजे से मध्याह्न १२ बजे […]
♀ हमे ‘इस पाठशाला’ से पूर्व ऐसा कोई भी स्रोत प्राप्त नहीं हुआ था, जिसमे किसी भी प्रकार के अशुद्ध-शुद्ध वाक्य को इतने विस्तार के साथ समझाते हुए, लेखन हुआ हो और समय-समय पर हमारा […]
व्याकरण-बन्धन का समादर करना सीखें– दो•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••[२५ नवम्बर, २०२२ ई० से आगे की पाठशाला-सामग्री का अध्ययन-अनुशीलन करें।] हिन्दी-भाषा निश्चित रूप से क्लिष्ट है; परन्तु उनके लिए जो देवनागरी लिपि और हिन्दी-भाषा को पढ़ने-समझने से कतराते आ […]
व्याकरण-बन्धन का समादर करना सीखें– एक आत्मीय विद्यार्थिवृन्द! (‘विद्यार्थीवृन्द’ अशुद्ध है।)‘सामान्य हिन्दी’ अथवा ‘हिन्दी-भाषा’, ‘हिन्दी-साहित्य’ तथा अन्य किसी भी विषय के प्रश्नपत्रों मे (‘में’ अशुद्ध है।) अंकित प्रश्नों के उत्तरों को लिखते समय आप यदि […]
◆ शब्द– अल्ला और अल्लाह। ★ अल्ला– बहुसंख्य जन नहीं जानते कि ‘अल्ला’ संस्कृतभाषा (यहाँ ‘षष्ठी तत्पुरुष’ समास है।) ‘संस्कृत-भाषा’ (संस्कृत की भाषा; यह सामासिक विग्रह है। ‘संस्कृत भाषा’ का प्रयोग अशुद्ध है; क्योंकि दोनो […]
◆ निम्नलिखित वाक्यों को सकारण शुद्ध करें :–१- वह ब्याख्यान दी थी।२- रेलगाड़ी देर से रेलवेस्टेशन में आयेगा।ध्यानपूर्वक शुद्ध और उपयुक्त उत्तर टिप्पणी-सहित ग्रहण करें। (इस आशय का उत्तर किसी भी पुस्तक मे उपलब्ध नहीं […]
◆ साग्रह अनुरोध–आप सभी इस टिप्पणी मे से किसी भी प्रकार की सकारण अशुद्धि/अशुद्धियाँ निकालें और मेरा मार्गदर्शन करें।••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••आत्मीय विद्यार्थिवृन्द!किसी भी स्तर की परीक्षा के हिन्दीभाषा/हिन्दी-भाषा (‘हिन्दी भाषा’ अशुद्ध है।) /सामान्य हिन्दी और हिन्दीसाहित्य/ हिन्दी-साहित्य […]
शुद्ध और उपयुक्त शब्द :– परिक्षा और परीक्षा। ★ परिक्षा– इस ‘परिक्षा’ शब्द की वर्तनी (अक्षरी) देखते ही कोई भी सुस्पष्ट शब्दों मे कह देगा– यह जो ‘परिक्षा’ शब्द दिख रहा है, पूरी तरह से […]
अधोटंकित वाक्यों मे से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?१- अन्विता घर से अस्पताल वापस लौट आयी है।२- अन्विता अस्पताल से वापस घर लौट आयी है।३- अस्पताल से घर अन्विता वापस आयी है।४- अन्विता लौट आयी है […]
प्राय: हमारे विद्यार्थी अपने वरिष्ठ सहयोगियों और अध्यापिका-अध्यापकों से प्रश्न करते हैं– Ph.D. का अर्थ है, ‘Doctor of Philosophy’ और जब इस लघ्वक्षर (लघु+अक्षर= लघ्वक्षर) (‘लघ्वाक्षर’ अशुद्ध है।) का पूर्णाक्षर-रूप मे उच्चारण करते हैं तब […]
अशुद्ध और अनुपयुक्तशब्द-प्रयोग–◆ शुभ कामना, शुभकामनाएं, शुभकामनाएँ, शुभ कामनाएँ, हार्दिक शुभकामना, हार्दिक शुभ कामना, हार्दिक शुभकामनाएं तथा हार्दिक शुभकामनाएँ।———————————-ऊपर अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दप्रयोग के अन्तर्गत जितने भी शब्द दिख रहे हैं, वे सभी-के-सभी [यहाँ दो […]
● आपने २३ अक्तूबर की विलम्ब रात्रि मे ‘दीपावली-दीवाली’, ‘दीया-दिया’ तथा ‘प्रज्वलन’ शब्दप्रयोग की जानकारी अर्जित की थी। आज आप (२४ अक्तूबर) ‘वर्तिका’ (बाती) और ‘तैल-घृत’ शब्दों को समझें। शुद्ध और उपयुक्त शब्द :–वर्तिका और […]
अधोटंकित मे से शुद्ध उत्तर का चयन करें :–◆ यहाँ किये गये प्रश्नो के कारणसहित उत्तर दिये गये हैं। १– परीक्षक उत्तर-पुस्तिका का क्या करता है?(क) मूल्यांकन (ख) चेक(ग) दृष्टिपात (घ) इनमे से कोई नहीं।उत्तर– […]
लिपि– किसी भाषा की लिखित आकृति ‘लिपि’ कहलाती है। जिस प्रकार भाषा की उत्पत्ति कब से हुई है, इसका कोई सर्वमान्य उत्तर अब तक प्राप्त नहीं हो सका है उसी प्रकार लिपि की व्युत्पत्ति का […]
शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]
■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें–(यह वाक्य निर्देशात्मक है, इसलिए यहाँ ‘निर्देशक- चिह्न’ (–) प्रयुक्त हुआ है।)वाक्य– कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर•••••••••••••••यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। […]
विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]
शब्द– परिवेश और परिवेष। ★ परिवेश– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है। शब्दभेद की दृष्टि से यह विकारी ‘संज्ञा-शब्द’ है। लिंगानुशासन इसे ‘पुंल्लिंग’ (‘पुंलिंग’, ‘पुल्लिंग’ अशुद्ध हैं।) के रूप मे स्वीकार (‘स्वीकारता’ अशुद्ध है।) करता है। […]
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘रविवार’ रहेगा और आपको ‘झंकार’ के दूसरे पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे महत्त्वपूर्ण शब्दों :– ‘अरण्यरोदन’, ‘छूमन्तर’, ‘ठठोली’ आदिक का […]
किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]
——० संरचना-पक्ष ०—– ★ रचना— किसी भी उस पद्य अथवा गद्य-कृति को ‘रचना’ कहते हैं, जिसका प्रवाह नैसर्गिक होता है और सर्जन करने के लिए किसी का आश्रय नहीं लेना पड़ता। ★ लेख— किसी विषय […]
••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••शब्दविचार••••••••••••••• परम–१- किसी क्षेत्र में सर्वाधिक उन्नत, सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण।२- किसी दिशा अथवा सीमा में अग्रसर (सबसे आगे बढ़कर चलनेवाला)।३- जिसके हाथों में सम्पूर्ण शक्ति हो (शक्तिमान्)इनके अतिरिक्त मुख्य; आदिम को भी ‘परम’ कहते हैं।उदाहरण के […]