प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश की महिला शक्ति ने समाज में आए सकारात्मक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आकाशवाणी से इस वर्ष मन की बात के पहले प्रसारण में श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की है कि भारत की महिलाएं सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रही हैं और राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का स्मरण किया।
एक फरवरी को अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला की पुण्य तिथि है। यह सबके लिए दु:ख की बात है कि हमने कल्पना चावला जी को इतनी कम उम्र में खो दिया। लेकिन उन्होंने अपने जीवन से पूरे विश्व में, खासकर भारत की हजारों लड़कियों को, यह संदेश दिया कि नारी-शक्ति के लिए कोई सीमा नहीं है।
प्रधानमंत्री ने मुंबई के माटुंगा स्टेशन का जिक्र करते हुए कहा कि यह एकमात्र ऐसा स्टेशन है, जहां सारी कर्मचारी महिलाएं ही हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में सीमा सुरक्षा बल की बाइकर कान्टिजेंट की महिला दस्ते का भी जिक्र किया, जिनके हैरतअंगेज कारनामों से सभी लोग दंग रह गए थे। श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में कार्यरत जनजातीय महिलाओं की भी सराहना की, जो ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
श्री मोदी ने बिहार में सामाजिक कुप्रथाओं और कुरीतियों के खिलाफ 13 हजार किलोमीटर लम्बी मानव श्रृंखला बनाए जाने के लिए राज्य सरकार की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने जनऔषधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर में स्थापित तीन हजार से अधिक औषधि केन्द्रों से मिलने वाली दवाइयां बहुत सस्ती हैं।
जन-औषधि केन्द्रों पर मिलने वाली दवाएं बाजार में बिकने वाली ब्रांडड दवाइयों से लगभग 50 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक सस्ती हैं। इससे जन-सामान्य, विशेषकर प्रतिदिन दवाएं लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों की बहुत आर्थिक मदद होती है।
पद्म पुरस्कारों में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पूरी प्रक्रिया ही बदल दी गई है। अब ऐसे अनेक सामान्य लोगों को पद्म पुरस्कार मिल रहे हैं, जो आमतौर पर प्रचार से दूर रहते हैं।
साभार : आकाशवाणी