● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
क्रिकेट मैच तो बहुत हो चुके हैं; परन्तु कोलकाता के 'इडेन गार्डन' मे २६ अप्रैल को पहली बार मात्र ४० ओह्वरों के भीतर सच्चे अर्थ मे जिस तरह की छक्कों की बारिश होती रही, वह आश्चर्यचकित कर देनेवाली थी। दर्शक रोमांचित होते रहे और सम्मोहित भी; विस्फारित नेत्रों से गेंद और बल्ले की शास्त्रीय और सुगम जुगलबन्दी का मज़ा लेते रहे।
मुक़ाबला 'कलकत्ता नाइटराइडर्स' और
'पंजाब किंग्स' के विरुद्ध हो रहा था। 'इडेन गार्डन' (कोलकाता) मे 'टाटा आइ० पी० एल०– २०२४ टूर्नामेण्ट के बयालीसवें मैच मे पहले बल्लेबाज़ी करते हुए, कलकत्ता नाइटराइडर्स के खेलाड़ियों ने चौकों-छक्कों की झड़ी लगाते हुए, निर्धारित २० ओह्वरों मे ६ विकेटों की क्षति पर २६१ रन बना लिये थे, जबकि इतनी बड़ी रनसंख्या विपक्षी दल के लिए बना पाना आसान नहीं दिख रहा था। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि 'पंजाब किंग्स' का क्षेत्ररक्षण बहुत कमज़ोर रहा, जिसके कारण उसके क्षेत्ररक्षकों ने आसान-से दिखनेवाले ४ महत्त्वपूर्ण कैच छोड़े थे, अन्यथा 'कोलकाता नाइटराइडर्स' का स्कोर १७५ रन के आस-पास होता।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २६ अप्रैल, २०२४ ईसवी।)