जिस दिन तुम मुझसे मिलने वाली थी

सौरभ कुमार ठाकुर, बाल कवि और लेखक मुजफ्फरपुर, बिहार, संपर्क:- 8800416537

कवि सौरभ कुमार

पता नही किस शहर में,

किस गली तुम चली गई।

मैं ढूँढ़ता रह गया,

तुम छोड़ गई ।

पता नही हम किस मोड़ पर

फिर कभी मिल पाएँगे ।

इस अनूठी दुनिया में

फिर किस तरह से संभल पाएँगे ।

पता नही तेरे बिन हम,

जी पाएँगे या मर जाएँगे ।

हम बिछड़ गए उस दिन,

जिस दिन तुम मुझसे मिलने वाली थी

मैं तुमसे मिलने वाला था ।

इस अंधी दुनिया ने कभी

हमको समझा ही नही ।

काश समझ पाती दुनिया,

तो हम कभी बिछड़ते ही नही ।

प्यार करते थे हम तुमसे,

पर कभी कह ही न पाए ।

आज भी सोचता हूँ कि,

काश वो दिन वापस लौट आए ।

बहुत समय लगा दिया हमने इजहार में ।

कब तक भटकेंगे हम तेरे इन्तजार में ।

हम बिछड़ गए थे उस दिन,

जिस दिन तुम मुझसे मिलने वाली थी,

मैं तुमसे मिलने मिलने वाला था ।