आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की व्याख्यान और कर्मशाला १२-१३-१४ मार्च को असम मे

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय को ‘विश्वनाथ चारिआलि राष्ट्रभाषा प्रबोध विद्यालय, परिचालना समिति’, विश्वनाथ, असम की ओर से आयोजित द्विदिवसीय (१२-१३ मार्च) राष्ट्रीय संगोष्ठी मे सारस्वत अतिथि के रूप मे निमन्त्रित किया गया है, जिसमे ‘राष्ट्रीय एकता-अखण्डता के परिप्रेक्ष्य मे भारतीय भाषाओं की महत्ता’ विषय पर उनका व्याख्यान होगा। इसी अवसर पर वे हिन्दी-माध्यम मे अध्ययन कर रहे पाँचवीं कक्षा के विद्यार्थी दिव्यज्योति बरुआ के कविता-संग्रह ‘दिव्य-मन’ और एक अध्यापक संतोषकुमार महतो की काव्यकृति ‘शब्द-संजीवनी’ का भी लोकार्पण करेंगे। इनके अतिरिक्त आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की ‘शुद्धाशुद्ध शब्दप्रयोग-विषयक’ एकल कर्मशाला का आयोजन १४ मार्च को किया जायेगा, जिसमे वे अहिन्दीभाषाभाषी विद्यार्थियों, अभिभावकों, अध्यापक-अध्यापिकाओं, कवि-कवयित्रियों, साहित्यकारों आदिक को शुद्ध और सरल हिन्दीभाषा-व्यवहार का बोध करायेंगे।

उल्लेखनीय है कि हिन्दीभाषा के शुचितापूर्ण प्रचार-प्रसार तथा संवर्द्धन के लिए समर्पित आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इससे पूर्व भी कई अहिन्दीभाषाभाषी राज्यों मे अपने भाषिक व्याख्यान और कर्मशाला के माध्यम से शैक्षिक जगत् मे क्रान्ति ला चुके हैं। इनके अतिरिक्त वे देश-देशान्तर मे आयोजित गरिमापूर्ण आयोजनो मे मुख्य भूमिका मे आमन्त्रित किये जाते रहे हैं।